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जिले में अब तक 126708 मीट्रिक टन गेहूं व 4638.82 मीट्रिक टन सरसों की हुई खरीद

जिले में विभिन्न एजेंसियों द्वारा मंडियों व खरीद केंद्रों में गेहूं की आवक जोरों पर है। जिला में अब तक विभिन्न एजेंसियों ने 126708 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। फूड सप्लाई ने 57534 मीट्रिक टन, हैफेड ने 46245 मीट्रिक टन, एफसीआई ने 6605 मीट्रिक टन तथा एचडब्ल्यूसी ने 16324 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है। इसके साथ ही अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों से 24986 मीट्रिक टन गेहूं की फसल का उठान किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि इसके साथ-साथ जिला में अब तक 4638.82 मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई है, जिसमें कपास मंडी भट्टू कलां में 2803 मीट्रिक टन और भूना अनाज मंडी में 1835.82 मीट्रिक टन सरसों की खरीद हुई है। इसके साथ-साथ 3783.85 मीट्रिक टन सरसों का उठान किया जा चुका है, जिसमें भट्टू कलां की मंडी से 2161.79 मीट्रिक टन तथा भूना की मंडी से 1622.06 मीट्रिक टन सरसों की फसल का उठान हुआ है।
उपायुक्त ने अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली आदि की सुविधाओं के प्रबंध सुनिश्चित करवाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों व खरीद केंद्रों से फसल का उठान साथ-साथ करवाया जाए ताकि फसल रखने के लिए जगह की कमी का सामना न करना पड़े।



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फतेहाबाद। अनाजमंडी में लदान के लिए रखी गेहूं की बोरियां।


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लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...