Skip to main content

लॉकडाउन में खुला था स्कूल, प्रशासन ने छापा मार स्कूल को सील किया, प्रिंसिपल गिरफ्तार

लॉकडाउन में सुभाष गेट क्षेत्र में स्थित एसबी मिशन स्कूल सरकार के आदेशों की अवहेलना कर बच्चों की कक्षा लगाता मिला। सूचना मिलने पर तुरंत एक्शन लेते हुए प्रशासन की तरफ से ड्यूटी मजिस्ट्रेट अजमेर सिंह, शहर थाना प्रबंधक हरजिंद्र सिंह और शिक्षा विभाग के अधिकारी डीईओ रविंद्र चौधरी व डीईईओ रोहताश वर्मा ने स्कूल पर छापा मारा। अधिकारियों ने पूरे स्कूल का निरीक्षण किया। मौके पर प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों की कक्षा लगी मिली, जिसमें 11 बच्चे मौके पर मिले। स्कूल स्टाफ भी मौके पर मौजूद था।
डीसी निशांत कुमार यादव के निर्देशानुसार मौके पर पहुंची अधिकारियों की टीम ने बच्चों को उनके अभिभावकों के हवाले करते हुए तुरंत स्कूल को सील कर दिया। लॉकडाउन के तहत स्कूल बंद रखने के प्रशासनिक आदेशों की अवमानना करते हुए स्कूल खोलने और बच्चों की कक्षा लगाने के मामले में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की शिकायत पर सिटी थाना में विभिन्न धाराओं सहित डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत स्कूल की मुख्य अध्यापिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। डीसी ने स्पष्ट किया कि जो स्कूल इस तरह से लॉकडाउन के आदेशों की अवमानना करते पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्कूल में बच्चों को नई कक्षाओं की पुस्तकें बेचने के नाम पर बुलाया जा रहा था। इन बच्चों में यूकेजी से लेकर तीसरी कक्षा तक के 11 बच्चों को टीचर पढ़ाते हुए मिले। प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में स्कूल को सील कर दिया है। बताया जा रहा है कि 20 अप्रैल से यह स्कूल चल रहा था। जब स्कूल के कमरों का निरीक्षण किया तो अंदर करीब 15 टीचर किताबों वाले कमरे में पाए गए। जहां वे किताबों के सेट बनाए जा रहे थे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रशासन की ओर से स्कूल के गेट को किया जा रहा सील।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35iATQi

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...