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नप ने बिना मास्क वालों को मास्क देकर किया सेनिटाइज

नगर परिषद द्वारा शहर में जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत परिषद के कर्मचारी बिना मास्क को वालों को न केवल मास्क दे रहे हैं बल्कि उन्हें इस बारे में जागरूक भी कर रहे हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न कार्यालयों, बैंकों व सार्वजनिक स्थलों को सेनिटाइज भी किया जा रहा है।
नगर परिषद के एक्सईएन सतीश गर्ग व जेई हवा सिंह ने बताया कि इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उन्हें दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने शहर के शहीद चौक पर बिना मास्क घूम रहे वाहन चालकों को रोककर उन्हें मास्क लगाने के लिए प्रेरित करते हुए मास्क भी प्रदान किए। उन्होंने आह्वान किया कि वे स्वयं तो मास्क लगाकर रखें साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्हें जैन फर्नीचर तथा शहीद जोरावर सिंह फतेह सिंह सेवा सोसायटी द्वारा मास्क उपलब्ध करवाए गए हैं।



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शहीद चौक पर बिना मास्क वालों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करते नगर परिषद के कर्मचारी।


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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...