Skip to main content

5वीं कक्षा तक के बच्चे अब घर बैठे ‘संपर्क बैठक’ एप से कर सकेंगे पढ़ाई

लॉकडाउन दौरान अब प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे मोबाइल एप के माध्यम से खेल-खेल में अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। कार्टूनों व फिल्मों के माध्यम से पढ़ाई को सरल व रूचिकर बनाया गया है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के लिए एक ‘संपर्क बैठक’ नामक एप बनाया है। इस ‘संपर्क बैठक’ एप के माध्यम से बच्चे पढ़ सकेंगे। हरियाणा शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुविधा के लिए ‘संपर्क बैठक’ मोबाइल एप्लीकेशन लॉन्च की। यह एप्लीकेशन ऑफलाइन भी काम करेगी।

सोशल मीडिया की तरह फोटो भी होगी पोस्ट

स्मार्ट शाला परियोजना सिरसा के जिला कार्यक्रम समन्वयक आशीष सेठी ने बताया कि इस एप्लीकेशन में कक्षा पहली से पांचवीं तक गणित व अंग्रेजी के पाठ्यक्रम के अनुसार कहानियां व कविताएं, ऑडियो और वीडियो में दी गई है। ताकि जहां पर इंटरनेट कनेक्शन कम चलता हो वहां सिर्फ ऑडियो भी चलाई जा सके। इसमें हिंदी में ही वर्कशीट, प्रश्न पत्र व अन्य सहायक सामग्री भी दिए गए हैं। मोबाइल एप्लीकेशन का प्लेटफार्म फेसबुक की तरह दिखने वाला प्लेटफॉर्म है। इस पर शिक्षकों को कमेंट करने, लाइक करने, पोस्ट डालने आदि के अंक दिए जाएंगे और उनको इसका प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। अपनी पढ़ाई की व गतिविधियों की फोटो, वह इस एप्लीकेशन में अन्य सोशल मीडिया की तरह पोस्ट कर सकते हैं।

एप हिंदी मिडियम वालों के लिए बहुत लाभदायक

संपर्क बैठक एप विशेष कर हिंदी माध्यम के बच्चों को केन्द्रित करके बनाया गया है। इसलिए हिंदी माध्यम से पढ़ने वाले बच्चों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा। इस एप में कार्टून एवं फिल्मों से संबंधित 500 से अधिक वीडियो एवं ऑडियो को डाला गया है।

पढ़ाई के साथ बच्चों का होगा मनोरंजन

संपर्क बैठक एप के माध्यम से बच्चे मनोरंजन के साथ ज्ञान प्राप्त कर पाएंगे। लॉकडाउन में बच्चोंं का समय व्यर्थ हो रहा था। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा हासिल कर उनके शैक्षणिक ज्ञान में वृद्धि होगी। मधुर आवाज में जहां बच्चों को पढ़ाई होगी। इसके साथ ही बच्चों को मनोरंजन भी होगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
एप लॉच करते शिक्षा मंत्री।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35hgs6f

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...