माैसम विभाग द्वारा हरियाणा और पंजाब सहित एनसीआर में भारी बरसात का अलर्ट जारी किया गया है। जिसके बाद बाढ़ से निपटने के लिए संबंधित विभागाें द्वारा समीक्षा और टीमाें का गठन शुरू कर दिया गया है। यमुना के जलस्तर बढ़ने और किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने छह टीमाें का गठन किया है। साेनीपत के हिस्से में यमुना की लंबाई करीब 42 किमी है। जिसमें साढ़े 300 से अधिक ठाेकरें हैं। इस साल भी तीन घाटाें पर 90 लाख रुपए की लागत से स्टड बनाया गया है।
पिछले साल बाढ़ के कारण काफी नुकसान हुआ था। जिसे राेकने के लिए इस साल विभाग पहले से ही पूरी तैयारी में हैं। किसी भी प्रकार से इस साल इस तरह की परेशानी खड़ी नहीं हाे, इसके लिए विभागीय अधिकारियाें ने कर्मचारियाें काे 24 घंटे निगरानी और ग्रामीणाें काे भी जागरूक रहने की अपील की है। जिले में 41.74 किमी क्षेत्र में यमुना का बहाव है। बरसात में ज्यादा पानी आने पर कटाव न हो इसके लिए सिंचाई विभाग द्वारा संभावित स्थानाें पर स्टड बनाया गया है। जिसमें बेगा घाट पर 55.46 लाख रुपए की लागत से 4 स्टड बनाया गया है। मीमारपुर में दाे स्टड करीब 8.46 लाख रुपए की लागत से बना है। टिकाेला में भी स्टड का कार्य किया गया है। विभाग द्वारा स्टड पर इस साल 90 लाख रुपए खर्च किया गया है। पिछले साल जब हथिनीकुंड बैराज से पानी छाेड़ा गया था, उस समय यमुना के जलस्तर में बड़ा उफान आ गया था। इससे करीब 250 एकड़ फसल जलमग्न हुई थी। हालांकि कुछ ही घंटाें में प्रशासन ने सिंचाई विभाग की मदद से कटाव काे राेक दिया था। साथ ही बाढ़ आने पर स्थानीय लाेगाें काे अपना सामान लेकर यमुना से दूर भागना पड़ता है।
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