Skip to main content

बर्खास्त पीटीआई शिक्षकों ने कहा-सरकार चाहे ताे बहाल कर सकती है

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश सरकार की ओर से बर्खास्त किए गए 1983 पीटीआई शिक्षकों के बाद जिले में बर्खास्त पीटीओ का धरना शनिवार को 42वें दिन शनिवार को भी जारी रहा। यह धरना शारीरिक शिक्षा संघ के बैनर तले चला। अपनी मांगों को लेकर पीटीआईयाें ने नारेबाजी की और बहाल करने की मांग की।

धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि सरकार चाहे तो कानून में बदलाव लाकर उनकी नौकरी को सुरक्षित रख सकती है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। तमाम विपक्षी दलों सहित सामाजिक व कर्मचारी संगठनों की ओर से उनकी मांगों का समर्थन किया गया है। लेकिन इसके बाद प्रदेश सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। खाप पंचायतों की ओर से भी इसी मामले में प्रदेश सरकार से गुहार की गई है, लेकिन अभी कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं मिला।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2OVjeqD

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...