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पिछली बार डाक से आई थीं 9.69 लाख राखियां, इस बार अब तक अा चुकी हैं 12 लाख, अभी 5 दिन बचे, 12 घंटे तक काम कर रहे कर्मचारी

(रीतिका एस. वोहरा) काेराेना संक्रमण का असर रक्षाबंधन के त्याेहार पर भी पड़ा है। 3 अगस्त काे रक्षाबंधन है। ट्रेनें बंद हाेने व बसें भी कम चलने की वजह से बहनें घर से दूर रहने वाले भाइयाें काे डाक से राखी भेज रही हैं। इसके लिए डाकघराें में काउंटर बनाए गए हैं, जहां सामान्य डाक और स्पीड पाेस्ट कराने वालाें की लाइनें लग रही हैं।

हरियाणा में मंगलवार दाेपहर तक राखियां भेजने के लिए सामान्य डाक 6 लाख और स्पीड पाेस्ट साढ़े 6 लाख आ चुकी हैं। ऐसे में पाेस्टल विभाग के कर्मचारी भी 8 घंटे के बजाए 12 घंटे तक की ड्यूटी करके राखी पहुंचाने में लगे हुए हैं। पिछले साल राखियां भेजने के लिए सामान्य डाक 4 लाख और स्पीड पाेस्ट 5 लाख 69 हजार थीं।

राखी के लिए खास 10 रुपए का लिफाफा
डाक विभाग ने खास राखी के लिए 10 रुपए का लिफाफा भी निकाला है। डाक भेजने की दराें में भी किसी तरह की वृद्धि नहीं की गई है, लेकिन विदेशाें में राखी भेजने के रेट अलग हैं। राखी भेजने के लिए लगभग 20 ग्राम की सामान्य डाक के लिए 10 रुपए, रजिस्ट्री के लिए 22 रुपए व 50 ग्राम के स्पीड पाेस्ट के लिए 41 रुपए देने हाेंगे। विदेशाें में कुछ जगहाें पर राखी पहुंचने की सुविधा दी जा रही है, जिसके लिए लगभग 550 रुपए का खर्च है।

राखियों के पैकेट को किया जा रहा सैनिटाइज : चीफ पाेस्टमास्टर
चीफ पाेस्टमास्टर जनरल रंजू प्रसाद ने बताया कि पूरा प्रयास है कि राखी पहुंचाने में लाेगाें काे किसी भी तरह की परेशानी न हाे। राखी की डाक काे प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रेनें बंद हाेने के कारण डाक राेड ट्रांसपाेर्ट के माध्यम से भेजी जा रही हैं।

काेराेना से बचाव के मद्देनजर सभी डाकघराें में सैनिटाइजर की उचित व्यवस्था की गई है। सभी डाक काे भेजने से पहले व बाद में भी सैनिटाइज किया जा रहा है। साथ ही पूरी काेशिश की जा रही है कि देश में किसी भी काेने में समय पर राखी पहुंच जाए। राखी साेमवार काे हाेेने के कारण शनिवार व रविवार काे भी कर्मचारी राखी पहुंचाने के लिए ड्यूटी पर रहेंगे।



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अम्बाला जीपीओ में स्पीड पाेस्ट और सामान्य डाक काे अलग-अलग करते डाककर्मी।


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