किसान खेत मजदूर संगठन के स्थानीय कमेटी की देवी लाल पार्क में बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने 9 अगस्त को ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोर्डिनेशन कमेटी के आह्वान पर “कॉरपोरेट घरानों किसानी छोड़ों” के देशव्यापी आंदोलन का सफल बनाने का निर्णय लिया। यह आंदोलन पूरे देश में गांव स्तर से लेकर ब्लॉक और जिला स्तर तक विरोध-प्रदर्शनों के माध्यम से होगा।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश कमेटी सचिव जयकरण मांडोठी ने बताया कि आंदोलन के मुख्य मुद्दों में संपूर्ण कर्जा मुक्ति, फसलों के लागत से डेढ़ गुना दाम, तीन काले अध्यादेश, बिजली बिल (संशोधन )2020 रद्द करने, किसानों के लिए डीजल के रेट आधे करने, खेत मजदूरों -छोटे गरीब किसानों व भूमिहीन ग्रामीण गरीबों को साल में 200 दिन काम देने, लॉकडाउन से प्रभावितों को आर्थिक सहायता देने, प्राकृतिक आपदा से खराब फसलों का मुआवजा देने, हर गरीब परिवार को प्रति व्यक्ति 15 किलो अनाज, एक किलो दाल, एक किलो तेल व एक किलो चीनी हर महीना देना शामिल है।
इन मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके लिए गांव के किसानों से जनसंपर्क किया जाएगा। उन्हें किसान विरोधी तीन काले अध्यादेश व बिजली बिल (संशोधन) 2020 के बारे में बताया जाएगा। बैठक में जयकरण मांडोठी ,अनूप सिंह मातनहेल, करतार सिंह और भीम सिंह के साथ अन्यो ने भाग लिया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2OYCOSN