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दिव्यांगाें के साथ धोखा कर रही सरकार के प्रति रोष : शांडिल्य

विकलांग अधिकार मंच ब्लॉक पूंडरी की बैठक ब्लॉक प्रधान अनिल बरसाना की अध्यक्षता में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान योगेश शांडिल्य ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान दिव्यांगाें को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ा है। राज्यभर से दिव्यांगाें ने राशन की मांग राज्य नेतृत्व के पास भेजी, जिसकी सूची हमने जिला प्रशासन को सौंपी, लेकिन दिव्यांगाें तक राहत सामग्री नहीं पहुंची, मंच के कुछ साथियों ने आपस में ही चंदा इकट्ठा करके सैकड़ों दिव्यांग परिवारों तक लॉकडाउन के दौरान सूखा राशन पहुंचाया।

इस दौरान सरकार ने दिव्यांगों को 1000 अतिरिक्त पेंशन देने की घोषणा की, लेकिन उसे लागू न करके दिव्यांगों के साथ धोखा किया है, जिस कारण से उनके अंदर सरकार के प्रति गहरा रोष है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगों की समस्याओं को सरकार व प्रशासन के सामने रखने के लिए 20 जुलाई को मंच के सदस्यों ने काली पट्टी में मास्क लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें यह मांग की गई कि सभी दिव्यांगों को लॉकडाउन के दौरान 5000 प्रति माह पेंशन दी जाए। उन्होंंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को लागू करते हुए सभी दिव्यांगों को निशुल्क राशन दिया जाए, नौकरी पर काम करने वाले दिव्यांगों को नौकरी से न हटाया जाए और न ही उनकी सैलरी काटी जाए।

ब्लॉक सचिव सोनू पाल ने कहा कि वे प्रशासन से मांग करते हैं कि केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान द्वारा जारी सर्कुलर के आधार पर सभी दिव्यांगों के बीपीएल राशन कार्ड बनाते हुए, राशन उपलब्ध करवाया जाए, दिव्यांगाें के यूडी आईडी कार्ड बनाए जाएं, स्वरोजगार करने वाले दिव्यांगों को सरलता से ऋण उपलब्ध करवाया जाए। बैठक में राजू, मोहित, गुरुदेव, रविंद्र, जिंद्र, साजन व अमित भी मौजूद रहे।



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Fury against government cheating on Divyangas: Shandilya


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