Skip to main content

अगस्त में सबसे ज्यादा 981 केस आए सामने, मौत का आंकड़ा 16 तक पहुंचा, एक निजी अस्पताल किया सील

कोरोना महामारी में अब कम्युनिटी स्प्रैड होने लगा है। एक साथ कई केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जिला प्रशासनिक अधिकारी परेशानी में हैं। अगस्त में सबसे ज्यादा 981 संक्रमित मिले हैं। रविवार को दो डाॅक्टर, एक युवा भाजपा नेता और गुप्तचर विभाग के पुलिस कर्मी सहित 97 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मौत भी हुई है। डबवाली रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल को सील कर दिया गया है।

रविवार को अब तक के सबसे ज्यादा 97 केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके संपर्क में आने वालों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष के संक्रमित मिलने के बाद उनके संपर्क में आने वालों ने भी जांच करवानी शुरू कर दी है। रविवार को युवा भाजपा नेता अमन चोपड़ा ने एहतियात के तौर पर जांच करवाई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। चोपटा में एक लेडी डॉक्टर भी कोरोना की चपेट में आई है। इसके अलावा शहर के डबवाली रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर भी रविवार को कोरोना पॉजिटिव मिले।

शहर के साथ गांव में बढ़ा संक्रमण, लोगों की लापरवाही जारी

कम्युनिटी स्प्रैड के कारण संक्रमण अब भयानक होता जा रहा है। रविवार को मिले 97 नये केसों में 10 कालांवाली क्षेत्र से हैं, जबकि 15 केस डबवाली क्षेत्र से मिले हैं। इसके अलावा ऐलनाबाद, अबूबशहर, छतरियां से भी कोरोना संक्रमण के केस सामने आए हैं। शहरी क्षेत्र में अग्रसेन कॉलोनी, सब्जी मंडी, भारत नगर, सूरतगढ़िया चौक, प्रभात पैलेस, डबवाली रोड, नोहरिया बाजार, गुरुनानक नगर, प्रीत नगर, सी ब्लॉक, अनाज मंडी, रानियां गेट, हुडा सेक्टर, बाटा कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी, हिसार रोड, कीर्तिनगर क्षेत्र से भी कोरोना संक्रमण के केस मिले हैं।

पीजीआई रोहतक में कालांवाली निवासी व्यक्ति ने तोड़ा दम

रविवार को कोरोना की चपेट में आने से एक ओर बुजुर्ग की मौत हो गई। कालांवाली निवासी 61 वर्षीय बुजुर्ग 25 अगस्त को अस्पताल में दाखिल हुए थे। बुखार, सर्दी और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत थी। रेपिड किट से जांच करवाई तो रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन लक्ष्ण देखते हुए आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। इतने में हालत बिगड़ गई और 26 अगस्त को रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली। बुजुर्ग को पीजीआई रोहतक रैफर किया गया था। लेकिन हालत में सुधार न होने के कारण मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की टीम ने कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार संस्कार करवाया।

भय के साए में प्राइवेट डॉक्टर, इलाज करने काे तैयार नहीं

शनिवार को सिरसा आए स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर जनरल सूरजभान कंबोज ने कहा था कि अब प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना का इलाज निर्धारित फीस देकर लोग करवा सकते हैं। इसके लिए प्राइवेट अस्पताल संचालक चाहें तो आगे आकर सेवा शुरू कर सकते थे। लेकिन अभी तक कोई प्राइवेट डॉक्टर आगे नहीं आया है। हालांकि सिविल सर्जन आईएमए की एक ओर मीटिंग लेंगे। इसका मुख्य कारण ये है कि कोरोना को लेकर सरकार की हिदायतें सख्त हैं। जबकि प्राइवेट डॉक्टर लचीलापन चाहते हैं। इतना ही नहीं कोरोना की एवज में फीस भी सरकार की ओर से निर्धारित की गई है।

जिले में 1400 तक पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, लेकिन लोगों की लापरवाही अभी भी जारी है। जिला का आंकड़ा अब 1400 तक जा पहुंचा है। जबकि मौत भी 16 हो चुकी है। यदि अब भी नहीं सुधरे तो यह आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा। लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेसिंग, मास्क का प्रयोग करना चाहिए और बार-बार हाथ भी धोते रहना चाहिए।-डॉ. सुरेंद्र नैन, सिविल सर्जन, सिरसा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सिरसा। शहर में बनाया गया कंटेनमेंट जोन।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3gIZpOo

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...