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दिनभर नहीं चली प्राॅपर्टी टैक्स की साइट, लोग रहे परेशान

शुक्रवार को प्राॅपर्टी टैक्स जमा करने के लिए साइट नहीं चल सकी, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को साइट को अपडेट किया जा रहा है, जिसके चलते यह परेशानी आई। दिन भर लोग प्राॅपर्टी टैक्स भरने के लिए आते रहे, लेकिन साइट नहीं चलने के कारण उन्हेें वापस जाना पड़ा। बता दें कि हाल ही में स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने प्राॅपर्टी टैक्स का डाटा ऑनलाइन किया है। इसके चलते शुक्रवार को साइट अपडेट करने का काम किया गया। ऐसे में साइट नहीं चल सकी। टैक्स इंस्पेक्टर नरेश मंगला ने बताया कि साइट अपडेट हो रही है, जिस कारण आज दिक्कत आ रही है।

2 दिन फिर नहीं मिलेगी छुट्टी

नगर परिषद के कर्मचारियों को शनिवार व रविवार को फिर से कार्यालय में आकर काम करना पड़ेगा। नगर परिषद के ईओ डॉ. एसके चौहान ने कर्मचारियों की ड्यूटी सेवा पंजीएचआरएमएस पोर्टल पर अपलोड करने में लगाई है। इसके लिए 29 व 30 अगस्त को कर्मचारियों को कार्यालय में आना होगा। इस काम के लिए 8 कंप्यूटर ऑपरेटरों व 8 अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी सुपरवाइजर के रूप में लगाई गई है। दो दिन में यह काम कर्मचारियों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।



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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...