Skip to main content

शहर के मिनी बाइपास के पास 8 एकड़ में कटी अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई, नींव को तोड़ दिया

जिला नगर योजना विभाग की टीम ने गुरुवार को को शहर के मिनी बाइपास के पास अवैध रूप से काटी गई कॉलोनी पर कार्रवाई की। टीम की ओर से बुलडोजर की मदद से कॉलोनी में बनाई नींव को तोड़ कर गिरा दिया गया। यह कार्रवाई डीटीपी जेपी खासा के नेतृत्व में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राजेश गर्ग व पुलिस की मौजूदगी में की गई।

डीटीपी जेपी खासा ने बताया कि शहर के मिनी बाइपास पर बिना अनुमति व लाइसेंस के 8 एकड़ जगह पर कॉलोनी काटी गई थी। इस जगह पर सड़कें बनाने व नींव भरने का काम किया जा रहा था। जिसकी जानकारी मिलने पर विभाग ने मालिकों को नोटिस जारी किया व अपने स्तर पर निर्माण तोड़ने की हिदायत दी, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। जिसके चलते विभाग की टीम ने गुरुवार को पुलिस की मौजूदगी में अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की। टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राजेश गर्ग की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। टीम में एटीपी सतीश कुमार, जेई संदीप कुमार, सहायक सुरेश कुमार, पटवारी रामकिशन व शहर पुलिस के कर्मचारी मौजूद रहे।

पांच साल पहले भी की गई थी कार्रवाई

उक्त कॉलोनी करीब 5 साल पहले काटी गई थी, उस समय भी विभाग की ओर से यहां पर कार्रवाई की गई थी। जिसके बाद काफी समय तक यहां कोई गतिविधि नहीं हुई, लेकिन अब कॉलोनाइजर दोबारा से एक्टिव हो गए। वहां पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। जिसकी जानकारी मिलने पर टीम ने यह कार्रवाई।

अवैध कॉलोनियों से प्लाट लेने से बचें लोग

डीटीपी ने आमजन से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लाट खरीद फरोख्त करने से पहले उसके बारे में जानकारी हासिल कर लें कि वह वैध है या अवैध। अवैध कॉलोनी में प्लाट लेने से परहेज करें। जिससे उन्हें नुकसान हो सकता है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Action on an illegal 8-acre illegal colony near the city's mini bypass, shattered the foundation


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3oGh1Qb

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...