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एडवोकेट से मोबाइल छीनने वाले दोनों आरोपी गिरफ्तार

13 अक्टूबर शाम के समय महाराणा प्रताप चौक से एडवोकेट से मोबाइल छीनने वाले बाइक सवार दोनों आरोपियों को सिटी थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है । शुक्रवार को आरोपियों को अदालत में पेश करके जेल भेज दिया गया है । पुलिस का कहना है कि स्नेचिंग करने वाले आरोपियों को पकड़ने में लगे हुए हैं।

एडवोकेट संदीप गुप्ता वासी जुंडला गेट ने शिकायत दी थी कि बाइक सवार दो युवक उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए थे। इस संबंध में संदीप गुप्ता के बयान पर अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सहायक उप निरीक्षक जयपाल ने जांच करते हुए 29 अक्टूबर को आरोपी चिराग व साहिल वासी कटा बाग को गुप्त सूचना के आधार पार्श्वनाथ सिटी करनाल से गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल व छीने गए मोबाइल फोन को बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी चिराग द्वारा स्नेचिंग के एक और मामले का खुलासा किया गया। इस मामले में आरोपी जमानत पर बाहर था। आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा।

बाजार में कपड़ा खरीदने आई महिला का पर्स चोरी, 20 हजार व झुमके थे पर्स में

बाजार में कपड़ा खरीदने आई एक महिला का पर्स चोरी हो गया। उसमें 20 हजार रुपए, कानों के झुमके समेत डॉक्यूमेंट्स थे। सिटी थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। दिन में दुकान में भीड़ होने के कारण दुकानदार ने भी सीसीटीवी कैमरे चैक नहीं किए गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जुंडला गांव की संतरो देवी ने शिकायत दी कि 28 अक्टूबर दोपहर को करनाल बाजार में कपड़ा खरीदने आई थी। मेरे पास पर्स में 20 हजार रुपए, कानों के झुमके, एटीएम, पास बुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड था। मैं कपड़ा खरीदने में व्यस्त हो गई और थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि मेरा पर्स गायब है। मैंने दुकानदार से भी गुजारिश की कि सीसीटीवी कैमरे में देख कर बता दें कि किसी ने चुराए तो नहीं, परंतु उसने भी मेरी बात पर कोई ध्यान नहीं दिया और कहा कि वह रात को सीसीटीवी फुटेज दिखाएगा। सिटी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है।



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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...