Skip to main content

नाबालिग का अपहरण करने वाला गिरफ्तार, लड़की पंजाब से बरामद

शहर के एनडीआरआई चौक के समीप से गुरुवार को लड़की का अपहरण करने के मामले में पुलिस ने आरोपी नरेंद्र उर्फ रॉकी वासी विकास कॉॅलोनी को आईटीआई चौक से गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि आरोपी ने ही कैब से लड़की को पंजाब में भेजा। पुलिस ने पंजाब के मोगा से लड़की को सकुशल बरामद कर लिया है। मॉडल टाउन चौकी पुलिस ने आरोपी नरेंद्र को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया और एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।

रिमांड के दौरान इस मामले में और गहनता से पूछताछ की जाएगी। लड़की को पंजाब में भेजा गया है या स्वयं गई है। इस मामले में और कौन-कौन शामिल हैं। आरोपी युवक ने नाबालिग लड़की के अपहरण करने के पीछे मुख्य कारण क्या हैं सहित अनेक सवालों पर पुलिस पूछताछ कर रही है। फिलहाल नाबालिग लड़की ने भी अपहरण के आरोप लगाए हैं। मॉडल टाउन वासी नाबालिग लड़की स्कूटी पर सवार होकर अपनी सहेली के घर गई थी।

देर शाम तक नहीं लौटी तो उसके माता-पिता कार में सवार होकर तलाश के लिए निकले। उसकी स्कूटी तेजेंद्र पार्क के समीप खड़ी मिली तो बेटी काे एक कार में अपहरण करके ले जाते हुए युवक को भी देखा गया। इस घटना की तत्काल पुलिस को सूचना दी। उन्होंने एसपी गंगाराम पूनिया से भी मुलाकात की तो उनके आदेश पर सीआईए, थाना सिविल लाइन, मॉडल टाउन चौकी व महिला थाना की टीमें सक्रिय हो गईं। छापेमारी शुरू की गई तो चारों ओर कार के नंबर के साथ वीटी भी कराई गई।

पुलिस ने तकनीकी पहलुओं पर पंजाब पुलिस को अलर्ट किया और वहां से लड़की को बरामद कर लिया गया। आरोपी युवक को कार सहित करनाल से ही काबू कर लिया है। मॉडल टाउन पुलिस चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह का कहना है कि नाबालिग डरी हुई हालत में मिली है और उसे बरामद करने के बाद सबसे पहले स्वजनों से मिलाया गया, ताकि वह सहज हो सके। संवेदनशीलता बरतते हुए अभी उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3jDnU16

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...