Skip to main content

वाइस या वीडियो कॉल पर बात करने से परहेज करें, अपराधी ब्लैकमेल कर सकते हैं: एसपी

ऑनलाइन गेम खेलते समय सुरक्षा के संबंध में करनाल पुलिस की तरफ से एडवायजरी जारी की है। एसपी गंगाराम पुनिया ने बताया कि तकनीक के बढ़ते प्रचलन के मध्य नजर आनॅलाइन गेम का भी प्रचलन बढ़ा है। काफी लोगों को ऑनलाइन गेम खेलते समय होने वाले खतरों के संबंध में जानकारी नहीं होती है और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

इस संबंध में ऑनलाइन गेम खेलते समय क्या नहीं करना चाहिए और क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इसकी जानकारी सभी को होनी चाहिए। जिले में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लगभग केसों में सामने आया है कि लोगों की लापरवाही से ही अपराधी उनकाे नुकसान पहुंचा रहे हैं। यदि आमजन अपनी सोशल साइड समेत अन्य ऑनलाइन प्रक्रिया करते वक्त हार्ड पासवर्ड रखेंगे तो वह ठगी जैसे मामलों से बच पाएंगे।

ये सावधानियां बरतें

  • अपने फोन को मालवेयर या अन्य खतरों से बचाने के लिए समय-समय पर अपडेट करके रखें।
  • अपने फोन या ऑनलाइन खातों में एक स्ट्रांग पासवर्ड लगाकर रखें। अपने पासवर्ड को कम से कम 12 अक्षरों का जिसमें अल्फावेट, नंबर या स्पेशल अक्षरों का मिश्रण हो, ताकि कोई भी आसानी से आपके पासवर्ड को हैक ना कर सके।
  • अपनी निजी जानकारी सांझा न करे।
  • ऑनलाइन गेम खेलते समय अपने से बड़ों व माता-पिता की सलाह जरूर लें।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3e9ACUi

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...