Skip to main content

रोडवेज में परिचालक लगवाने के नाम पर 9 लाख रुपए की ठगी का आरोप, केस दर्ज

खोल थाना क्षेत्र के गांव कंवाली निवासी एक व्यक्ति ने पुलिसकर्मी पर हरियाणा रोडवेज में परिचालक लगवाने के नाम पर 9 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद खोल थाना पुलिस ने ठगी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

ठगी का यह मामला वर्ष 2017 का है। शिकायत के बाद मामले को एसपी ने गंभीरता से लेते हुए खोल पुलिस को केस दर्ज करने का निर्देश दिया, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव कंवाली निवासी सतबीर ने कहा है कि साल 2017 में गांव नंगली गोधा निवासी सुरेश कुमार से उसकी मुलाकात हुई थी। सुरेश कुमार ने खुद को हरियाणा पुलिस में कार्यरत बताते हुए कहा कि वह उसके बेटों को नौकरी लगवा देगा।

आरोप है कि सुरेश ने सतबीर के दोनों बेटों को रोडवेज में परिचालक लगाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद 9 लाख रुपए ले लिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि पहले सुरेश को साढ़े चार लाख रुपए दिए थे और दूसरी बार में शेष साढ़े चार लाख रुपए दिए। दूसरी बार में पुलिसकर्मी का बेटा भी साथ आया था। पैसे देने के बाद भी उसके बेटों की नौकरी नहीं लगी तो उसने सुरेश से पैसे वापस मांगे।

सुरेश इसके बाद पैसे देने में आनाकानी करने लगा। पैसे नहीं लौटाने पर सतबीर ने एसपी सहित अन्य अधिकारियों को मामले की शिकायत दी। एसपी के निर्देश पर खोल पुलिस पुलिस ने सुरेश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3kERBQI

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...