Skip to main content

दशहरा के बाद बढ़ा प्रदूषण स्तर, पांच दिन में डेढ़ से दोगुना खराब हुई एक्यूआई

लॉकडाउन में शहर की हवा और पान दोनों का प्रदूषण लगभग रुक गया था, लेकिन हाल के दिनों में चली आर्थिक गतिविधियों और लापरवाही ने हवा में प्रदूषण को तेजी से बढ़ा दिया है।

रोक के बाद भी पराली जलाने, उद्योंगों मानकों का पालन न करने से उद्योगों और कांस्ट्रक्शन वर्क से हवा में तेजी से खतरनाक एलीमेंट जैसे कार्बन धुआं और धूल के बड़े कणों की मात्रा तेजी से बढी हैं। इसमें दशहरे के दौरान छोड़े गए पटाखे आदि से प्रदूषण की मात्र और बढ़ी है।

पाबन्दी के बाद भी पटाखे जले। सोमवार की सुबह शहर में 11 बजे की एयर क्वालिटी इंडैक्स 294 दर्ज किया गया। जो बहुत ही खराब की श्रेणी में आता है। साथ ही पीएम-2.5 और पीएम-10 के स्तर में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एक्यूआई दो गुना खराब

प्रदूषण के बढ़ने की गति देखें तो बीते पांच दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स देखें तो कहीं डेढ़ तो कहीं दो गुने से ज्यादा प्रदूषण बढ़े हैं। कई स्थानों में यह खतरनाक स्थिति में आ गए हैं।

अगर इसे स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो एयर क्वालिटी इंडेक्स 0 से 50 तक सामान्य होता है लेकिन जिले भर में विभिन्न स्थानों पर इसकी स्थिति 4 से लेकर आठ गुना तक खराब है।

मौसम में बदलाव

मौसम में भी बदलाव हुआ है। दिन का तापमान अभी सामान्य है लेकिन रात को ठंडक होने लगी है। सोमवार को सुबह आसमान में बादल भी छाए, लेकिन बाद में धूप निकली। अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहा जबकि रात का तापमान 16 डिग्री तक आ गया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Pollution levels rise after Dussehra, AQI deteriorates more than 1.5 times in five days


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3mqZERO

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...