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तूड़े से भरी पलटी ट्राली से टकराई बाइक, कोर्ट कर्मचारी की मौत

हांसी रोड पर रामराय-गुलकनी गांवों के बीच सड़क पर पलटी तूड़े की ट्राली से देर रात मोटरसाइकिल टकरा गई। इससे मोटरसाइकिल सवार कोर्ट कर्मचारी की मौत हो गई। सूचना पर सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचाया। मृतक सफीदों कोर्ट में प्यादा के पद पर कार्यरत था और बिहार का रहने वाला था। पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

सफीदों की नूरसर तालाब कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय संतोष मोटरसाइकिल से गुरुवार देर रात सफीदों से गुलकनी की तरफ जा रहा था। रामराये गांव के पास सामने तूड़े से भरी ट्रॉली पलटी हुई थी। संतोष मोटरसाइकिल ट्रॉली से टकरा गई, जिससे उसको गंभीर चोटें आईं। रात भर वह वहीं पड़ा रहा। सुबह किसी तरह सूचना पुलिस तक पहुंची और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने राजथल गांव के विकास की शिकायत पर अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आशंका जताई जा रही है क सामने से किसी वाहन की लाइट लगने के कारण संतोष पलटी ट्राली को देख नहीं पाया। बाइक की रफ्तार तेज होने से गंभीर चोटें आईं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।



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Bike collides with collapsing trolley, court worker dies


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लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...