Skip to main content

किसानों से जैविक खेती व बायोगैस संयंत्र के साथ समेकित खेती अपनाने का आह्वान

कृषि विभाग की ओर से गांव भटसाना में कृषि मेले का आयोजन किया गया। मेले की अध्यक्षता कृषि उप निदेशक डॉ. जसविंद्र सिंह ने की। डीडीए डॉ. जसविंद्र ने किसानों से जैविक खेती, बायोगैस संयंत्र के साथ समेकित खेती करने पर बल दिया। मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एचएयू बावल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. विक्रम सिंह ने पर्यावरण संतुलन, मिट्‌टी-पानी के संचय बारे किसानों को संतुलित खादों के प्रयोग पर बल दिया।

उन्होंने बताया कि किसान गेहूं की एचडी-2967, डब्ल्यूएच-1105 व जौ की बीएच-393 किस्म बावल केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं। केवीके बावल के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जोगिंद्र सिंह ने फसल विविधीकरण के साथ खुंब उत्पादन, बागवानी, मधुमक्खी पालन द्वारा किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कीट वैज्ञानिक डॉ. बलबीर सिंह ने सरसों की मुख्य फसल में लगने वाले रोग व बिमारियों के बारे में किसानों को बताया। सहायक कृषि अभियंता दिनेश शर्मा ने जिले में कृषि मशीनरी पर सब्सीडी के लिए किसान एग्री हरियाणा की वेबसाइट पर अप्लाई करें। साथ ही किसानों को पराली न जलाने बारे भी आह्वान किया गया।
जिला बागवानी अधिकारी सत्यवीर शर्मा ने किसानों को अमरुद, बेर, नींबू प्रजाति के बाग लगाने के बारे में बताया। पशु चिकित्सक डॉ. धर्मपाल ने किसानों को पशु बीमा, पशु क्रेडिट कार्ड योजना व टीकाकरण आदि के बारे में बताया। उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना व अन्य विभागीय योजना के बारे में किसानों को अवगत करवाया।

इस मौके पर डॉ. भागिंद्र, खंड कृषि अधिकारी रेवाड़ी डॉ. विजेंद्र, डॉ. अशोक, डॉ. संजय, डॉ. सुधीर, डॉ. संदीप, सरपंच युधिष्ठिर, सुभाष, नवीन, जगपाल व धर्मेंद्र सहित अन्य किसान मौजूद रहे।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
रेवाड़ी के भटसाना गांव में आयोजित किसान मेले में अतिथियों को सम्मानित करते कृषि विभाग के अधिकारी।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37Xi5t0

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...