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पीवीसी मार्केट में दिन भर चली जेसीबी, नगर परिषद ने साै कब्जाें काे ही करवाया खाली

दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में पनप रही उतर भारत की सबसे बड़ी पीवीसी कबाड़ा मार्केट तीन साल से बहादुरगढ़ में पांव जमाने के बाद एब छोटूराम नगर में यह बाजार हाथ पांव मार रहा है पर स्थानीय प्रशासन उसे बार-बार उजाड़ने के बाद भी इसे खाली नहीं करवा पाया है।

तीन साल पहले पीवीसी मार्केट को स्थानीय लोगों ने अपने खेतों को किराए पर देकर सेक्टर-9 के निकट खेतों में बसाया व लाखों रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से किराया भी वसूला था वहीं अब छोटूराम नगर में यही सिलसिला चल रहा है।

बार-बार कार्रवाई की चेतावनी देने के बाद अभी तक दुकानों को नहीं हटाने पर सोमवार को नगर परिषद ने करीब एक सौ से अधिक कच्ची दुकानों को उखाड़ा। नप ने दावा किया है कि अब यहां एक सप्ताह तक लगातार अभियान चलाया जाएगा। जिससे इस बाजार को यहां से हटाया जा सके।

गौरतलब है कि यहां सैकड़ों की संख्या में दिल्ली के व्यापारियों ने यहां पर स्थान किराए पर लिया व कबाड़ का काम शुरू किया हुअा है। जिससे वातावरण में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ता है।


पीवीसी व्यापरियों की पहचान की जा रही

गौरतलब है कि ईपीसीए चेयरमैन डॉ. भूरे लाल ने कई बार बहादुरगढ़ शहर के दौरे के दौरान इस तरह की मार्केट को यहां से हटाने के आदेश दिए थे। पूछताछ में पता चला कि यहां जिन लोगों ने काम शुरू किया है उनकी पहचान करके उनके खिलाफ सिटी थाने में शिकायत दी गई थी पर कुछ नहीं हुआ ।

तीन साल से कार्रवाई नहीं

दो साल तक प्रशासन ने आंखें व कान बंद रखे। कुछ नोटिस देने के बाद प्रशासन ने इस तरफ ध्यान देना बंद कर दिया था। पर बाद में यह मामला बहादुरगढ़ दौरे पर आए ईपीसीए चेयरमैन डॉ. भूरेलाल के संज्ञान में आया व अधिकारियों ने अपने पर कार्रवाई होते देख अवैध मार्केट को हटाने में पूरी ताकत लगा थी।

इस बीच इन व्यापारियों को संरक्षण देने वालों ने इस बाजार को छोटूराम नगर में स्थित खाली खेतों में स्थान देकर वहां शिफ्ट करवा दिया अब प्रशासन को वहां भी बाजार को हटाना मुश्किल हो गया है। सुबह दस से दोपहर एक बजे तक वहां भी नगर परिषद प्रशासन ने जेसीबी के साथ करीब 100 व्यापारियों की कच्ची दुकानों को तोड़ दिया।

भारी नुकसान होता देख व्यापारियों द्वारा नप अधिकारियों के सामने गुहार लगाई तो तीन दिनों में यहां से भी बाजार को खाली करके वापस दिल्ली में जाने के आश्वासन के बाद इस कार्रवाई को तीन दिनों के लिए रोक दिया गया। दुकानदारों ने कहा ठीक नगर परिषद ने व्यापारियों का लाखों रुपए का नुकसान कर दिया है।

जल्द ही नप प्लास्टिक काे एकत्र करके लगाएगी बाेली

नप के सचिव मुकेश ने कहा कि जल्द ही नगर परिषद इस प्लास्टिक को एकत्र करके इसकी बोली लगाएगी। जिससे इस स्थान को खाली करवाया जा सके। सचिव ने कहा कि बार-बार चेतावनी व नोटिस देने के बाद भी अवैध पीवीसी मार्केट खाली नहीं की गई।

दिल्ली का वेस्ट प्लास्टिक किसी भी रूप से संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है। यह प्रदूषण फैलाने का भी कारण है। इन बातों को देखते हुए डीसी के आदेश पर इस अवैध मार्केट को तुरंत प्रभाव से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। यदि तीन दिन में प्लास्टिक नहीं हटाया तो किरायेदार व जमीन मालिक दोनों के खिलाफ थाने में फिर से आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा।




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JCB lasted all day in the PVC market, the city council vacated the capture


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