Skip to main content

किसानों की समस्या को देखते हुए कनीना के गौशाला रोड पर एक और खरीद केन्द्र बनाया

कनीना मंडी में एक अक्टूबर से सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर किसानों के बाजरे की खरीद की जा रही है। सोमवार को भी मंडी में बाजरे की बिक्री के लिए करीब 400 किसानों को बुलाया गया था।

हैफेड अधिकारी सतेन्द्र यादव ने बताया कि सोमवार को शाम करीब पांच बजे तक करीब 300 किसानों से करीब 9 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी थी। इसके अलावा मंडी से बाजरे का उठान कार्य भी साथ ही करवाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि किसानों की समस्या को देखते हुए गोशाला रोड पर एक खरीद केन्द्र ओर बनाया गया है। जिसपर खंड के गांव भडफ, करीरा, कोटियां, गाहरा, चेलावास, अगिहार, गोमला, गोमली, गुढ़ा, सेहलंग, धनौंदा, मोडी व रामबास के किसानों का बाजरा खरीदा जाएगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को इन सभी गांवों के किसान अपनी फसल को लेकर कनीना मंडी में आने की बजाए गौशाला रोड़ पर लेकर जाएं।

इन गांवों के किसानों का बाजरा गौशाला रोड़ पर बनाए गए खरीद केन्द्र पर ही खरीदा जाएगा। उन्होंने बताया कि गोशाला रोड़ पर बनाए गए खरीद केन्द्र पर पहले दिन करीब 134 किसानों को अपना बाजरा बेचने के लिए बुलाया गया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Seeing the problem of farmers, another procurement center was built on Gaushala Road in Kanina


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3mtB5DN

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...