Skip to main content

इंटरव्यू में एक अंक पर भी जनरल, एससी-बीसी और एक्स सर्विस मैन कैटेगरी के अभ्यर्थी का होगा चयन, 7485 परीक्षार्थियों में पास हुए 954

एक तरफ बर्खास्त पीटीआई राज्य भर में मंत्रियों का घेराव कर काले झंडे दिखा रहें हैं। जबकि दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन भर्ती की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। पिछले माह 23 तारीख को परीक्षा आयोजित कराने के बाद शनिवार को इसका परिणाम घोषित कर दिया है। इस परिणाम में सबसे खास बात यह है कि 1983 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में 954 ही पास हो पाए हैं।

कमीशन ने जनरल कैटेगिरी के लिए पास प्रतिशत 50, एससी-बीसी के लिए 45 और एक्स सर्विसमैन के लिए 45 प्रतिशत निर्धारित किए थे। लेकिन 7485 अभ्यर्थियों में 954 ही इस निर्धारित पास प्रतिशत तक पहुंच पाए। अब एक, तीन और चार अक्टूबर को इंटरव्यू होगा।

इस इंटरव्यू में यदि दस्तावेज सभी ठीक रहे तो जनरल, एससी-ए, एससी-बी, बीसी-ए, बीसी-बी और एक्स सर्विस कैटेगिरी के अभ्यर्थियों को एक अंक मिलने पर भी चयन तय है। क्योंकि इन कैटेगिरी के लिए जितनी पद आरक्षित है, उससे काफी कम संख्या में ही अभ्यर्थी पास हो पाए हैं। इंटरव्यू में मुकाबला खेल के मैदान में जोर दिखाने वाले आउट स्टैंडिंग स्पोर्ट्स पर्सन के बीच होगा। क्योंकि इस कैटेगिरी में निर्धारित पोस्ट से ज्यादा अभ्यर्थी पास हुए हैं। पास हुए अभ्यर्थी रविवार से कमीशन की वैबसाइट से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगेद्ध।

इस भर्ती के बारे में जो आप जानना चाहते हैं

2006 में हुड्‌डा सरकार में 1983 पदों पर भर्ती निकाली गई। उस वक्त21,294 आवेदन जमा हुए। पेपर हुआ तो लीक हो गया। इसके बाद कई नियम बदले गए। 2008 में आखिर 30 अंक का इंटरव्यू हुआ और 2010 में रिजल्ट आया। मामला हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। कुछ माह पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने भर्ती रद्द कर दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए। जिसमें कहा गया कि 2006 में आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए।

एचएसएससी ने आवेदन मांगे तो 9,294 जमा हुए। 23 अगस्त को 5 शहरों में केंद्र बनाकर परीक्षा हुई तो उसमें 7485 परीक्षार्थी पहुंचे। कर्मचारियों ने दावा किया कि इनमें बर्खास्त पीटीआई में करीब 120 ही शामिल हुए।

हिसार में कथित पेपर लीक का मामला सामने आया। एफआईआर भी दर्ज हुई। कुछ लोग पकड़े भी जा चुके हैं। परंतु कमीशन ने पेपर लीक नहीं माना। कहा गया कि नकल की कोशिश थी। इस मामले में बर्खास्त पीटीआई ने हाई कोर्ट में पेपर रद्द कराने को याचिका दाखिल की है। जिस पर 30 सितंबर को सुनवाई होनी है।

जारी रहेगा आंदोलन: प्रधान

इधर, शारीरिक शिक्षक संघ संघर्ष समिति के प्रधान धर्मेंद्र पहलवान का कहना है कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हमने पेपर लीक होने को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की हुई है। जिसमें हमारी मांग है कि पेपर को रद्द किया जाए। हर दिन आंदोलन बढ़ेगा। सरकार सभी बर्खास्त पीटीआई को एडजस्ट कर सकती है। सरकार को इनके लिए रास्ता निकालना चाहिए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फाइल फोटो।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2S1R1jh

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...