Skip to main content

एचएसवीपी के प्रशासक के साथ होने वाली बैठक पर एसो. की नजर

कॉमन लेंड की इनहांसमेंट व ब्याज की छूट को लेकर सेक्टरवासियों की निगाह अब मंगलवार को एचएसवीपी की बैठक पर टिकी है। सीएम मनोहर लाल खट्‌टर की तरफ से संशोधित राशि 2 अक्टूबर को प्लाट धारकों के खातों में अपडेट करने के आश्वासन के बाद यह बैठक एचएसवीपी प्रशासक की अध्यक्षता में हो रही है। मीटिंग को लेकर एचएसवीपी ने लेटर अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड किया हुआ है। अर्बन एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-9 के चेयरमैन प्रद्यमुन सचदेवा के मुताबिक इनहांसमेंट की राशि अपडेट करने को लेकर यह मीटिंग हो रही है।

ऑल हरियाणा सेक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने संशोधित राशि खातों में अपडेट करने का जो आश्वासन दिया है, उससे सेक्टर-9 को करीब 250 रुपए व सेक्टर-10 को 1700 रुपए प्रति वर्ग मीटर की छूट की उम्मीद है। 5वीं इनहांसमेंट को लेकर मिलने वाली इस छूट का स्थानीय स्तर पर सेक्टर-10 को ज्यादा फायदा मिलेगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/36fnFX6

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...