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को-एजुकेशन वाले सभी स्कूलों में होगी महिला शिक्षकों की नियुक्ति, तबादले में महिलाओं को मिलते हैं 10 अंक

प्रदेश के को-एजुकेशन वाले चार हजार से ज्यादा स्कूलों में महिला शिक्षकों के न होने की वजह से राज्य सरकार ट्रांसफर पॉलिसी में कोई बदलाव कर सकती है। पॉलिसी में महिला होने पर ट्रांसफर में 10 अंक मिलते हैं। इसके साथ ही मिडिल और सेकंडरी स्कूलों में टीजीटी टीचर ही पढ़ाते हैं। ऐसे में दस अंक का फायदा मिलने पर ज्यादातर वे सेकंडरी स्कूलों में पढ़ाना ज्यादा पसंद करती हैं।

ऐसे में राज्य में 4283 को-एजुकेशन स्कूलों में महिला शिक्षक ही नहीं है। इस मामले में राज्य बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन ने पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजी थी। साथ ही सिफारिश की थी कि इन सभी स्कूलों में महिला शिक्षकों की भी नियुक्ति की जाए। ताकि बेटियों को कोई परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्था कराई जाए। बता दें कि पिछले साल हिसार के एक स्कूल का मामला सामने आने के बाद आयोग की चेयरपर्सन ज्योति बैंदा ने शिक्षा विभाग से स्कूलों में महिला शिक्षकों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। करीब 14 हजार स्कूलों में 4200 से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जहां महिला शिक्षक नहीं है। इनमें 3872 मिडिल और प्राइमरी स्कूल हैं।

हां, इस मामले पर काम शुरू किया है। सभी स्कूलों में महिला शिक्षकों की व्यवस्था हो, इसका कोई विकल्प जरूर तलाश जाएगा। -कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री



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कंवरपाल गुर्जर, शिक्षा मंत्री (फाइल फोटो)


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