Skip to main content

गुजरात के ट्रक में मिली थी अवैध शराब की 882 पेटियां, 20 माह बाद खुलासा, पुलिस ने अवैध शराब समझ केस एक्साइज विभाग को सौंपा

20 माह पहले इंडस्ट्री एरिया यमुनानगर में लावारिश मिले अंग्रेजी शराब की 882 पेटियों से लोड ट्रक के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है। जिसे मात्र अवैध शराब का केस समझा था, वह 3 राज्यों के अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने वाला था। इस ट्रक पर लगी नंबर प्लेट फर्जी थी। जो नंबर अंकित था, वह ट्रक पहले ही राजस्थान में अवैध शराब के मामले में पकड़ा जा चुका था।

ट्रक का मालिक गुजरात का एक ट्रांसपोर्टर है। उसे नोटिस भेजा तो कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर एक्साइज डिपार्टमेंट को पूरा केस बनाकर वापस पुलिस को भेजना पड़ा। जनवरी 2019 में शहर यमुनानगर पुलिस के पास सूचना आई थी कि सब्जी मंडी के पास एक ट्रक एक सप्ताह से शराब से लोड खड़ा है। इसमें मास्टर मूमेंट नाम की अंग्रेजी शराब की 882 पेटियां थीं।

पुलिस ने ट्रक के नंबर से पता किया तो उस पर हरियाणा का नंबर गुरुग्राम आरटीओ ऑफिस में रजिस्टर्ड मिला। पुलिस ने शराब व ट्रक को एक्साइज विभाग के हवाले कर दिया। कई दिन तक कोई ट्रक व शराब पर दावा जताने नहीं आया। एक्साइज डिपार्टमेंट ने जांच शुरू की, जो नंबर प्लेट थी, उससे डिटेल खंगाली और ट्रांसपोर्टर को नोटिस दिया। इस पर उसने जवाब के साथ एफआईआर भेजी कि यह नंबर उनके ट्रक का था, लेकिन वह ट्रक तो पहले से राजस्थान में अवैध शराब के मामले में पुलिस ने पकड़ा हुआ है।

अम्बाला में शराब कारोबारी का तीसरा गोदाम पकड़ा

अम्बाला सिटी में अवैध शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार शराब कारोबारी प्रदीप मित्तल का तीसरा गोदाम पुलिस ने पकड़ा है। ये गोदाम एक मैरिज पैलेस में चल रहा था। मंडौर चौक पर पकड़े गए इस गोदाम से देसी शराब की 1064 पेटियां बरामद हुई हैं। गोदाम में अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल और पंजाब में बनी शराब भी मिली है। बता दें कि इससे पहले भी 11 सितंबर को प्रदीप मित्तल के मंडौर गांव में किराए पर लिए दो गोदाम और ट्रक से अवैध तरीके से रखी शराब पकड़ी जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि एलोविरा जूस की आड़ मेें इस शराब को बिहार और गुजरात में भेजा जा रहा था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
पैलेस के अंदर बने गाेदाम में मिली शराब की जांच करती टीम।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3i8KzBH

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...