Skip to main content

38 पदों पर आउटसोर्सिंग के तहत की भर्ती रद्द, डिप्टी सीएमओ समेत 3 अधिकारी-कर्मचारियों को दिए नोटिस

सिविल अस्पताल में एलटी व चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के 38 पदों पर आउटसोर्सिंग के तहत की गई भर्ती गलत रूप से की गई थी। इसके चलते मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने भर्ती को रद्द कर दिया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने कंपनी को नए सिरे से भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जो आवेदनकर्ताओं के शैक्षिणिक व अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी।

एक सप्ताह पहले खुद कंपनी ठेकेदार ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता बरतने की शिकायत स्वास्थ्य विभाग को दी थी। कंपनी के फील्ड ऑफिसर ने अपने स्तर पर ही 38 लोगों को सूची स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी थी और स्वास्थ्य विभाग ने बिना जांच के सूची के अनुसार 38 लोगों को विभाग नियुक्ति दी थी।

सीएमओ ने मामले की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. कृष्ण कुमार के नेतृत्व में कमेटी गठित की थी। रिपोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को गलत बताया गया था, जिसके आधार पर मंगलवार को सीएमओ डॉ. जितेंद्र कादयान की तरफ से सभी 38 लोगों को उनके पदों से हटाने के आदेश जारी किए गए और नए सिरे से कंपनी को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

सीएमओ ने नई भर्ती प्रक्रिया के तहत आवेदनकर्ताओं के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. कृष्ण के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई, ताकि नई भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की किसी के द्वारा अनियमितता न बरती जा सके। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में संदिग्ध भूमिका पर एनएचएम के डिप्टी सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के तीन कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर सीएमओ की तरफ से मंगलवार को उनसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सीएमओ ने दिए नए सिरे से भर्ती करने के आदेश

सीएमओ डॉ. जितेंद्र कादयान ने बताया कि 38 कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में डिप्टी सीएमओ समेत तीन अधिकारी व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही भर्ती नए सिरे से करने के निर्देश जारी किए गए है और उसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है जो प्रमाण पत्राें की जांच करेगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फाइल फोटो।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3jgvW0A

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...