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गुड़गांव में 85 फीसदी से ज्यादा पेशेंट हुए रिकवर, 24 घंटे में 274 नए केस मिले

गुड़गांव में सितंबर महीने में मिलने वाले पेशेंट का आंकड़ा आठ हजार के करीब पहुंच गया है। वहीं कुल पेशेंट की संख्या सोमवार को 20 हजार से अधिक हो जाएगी। सबसे बड़ी बात है कि 40 फीसदी से अधिक पेशेंट सितंबर महीने में मिले हैं। जबकि 170 पेशेंट में से सितंबर महीने में 26 लोगों की मौत हुई है। वहीं रविवार को 274 पॉजिटिव केस मिले और कुल 372 पेशेंट ठीक होकर घर लौट गए।

इसके साथ ही गुड़गांव में अब तक 17184 पेशेंट ठीक हो चुके हैं। ऐसे में एक्टिव केस घटकर 2560 रह गए, जिनमें से 232 पेशेंट अस्पतालों में एडमिट हैं। जिला में अब तक 249738 लोगों के सेम्पल की जांच की जा चुकी है। जिनमें से 19914 पेशेंट पॉजिटिव मिले हैं और शेष नेगेटिव पाए गए हैं। रविवार को पॉजिटिव मिले 274 केसों में से नगर निगम के जोन-1 में 61, जोन-2 में 68, जोन-3 में 62 व जोन-4 में 56 पॉजिटिव केस मिले। वहीं पटौदी ब्लॉक में 20, फर्रुखनगर में दो व सोहना में पांच केस पॉजिटिव मिले।

मेवात में कोरोना के 6 नए मामले आए

रविवार को कोरोना के 6 नए मामले सामने आए हैं। वही 10 मरीज ठीक भी हुए है। नए मामले में उजिना में 2, सौंख में एक, खेड़ली एक, फिरोजपुर झिरका एक व नूंह से एक केस सामने आया है। जिले में कोरोना के अब 83 एक्टिव मरीज हो गए हैं, जबकि अब तक 1092 मामले सामने आए हैं। जिनमें अब तक 988 मरीज ठीक हो गए हैं। वहीं 21 लोगों की मौत भी हो चुकी है।



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फाइल फोटो।


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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...