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राजकीय स्कूल में 2 दिनाें में 35 अध्यापकाें के काेराेना जांच के लिए सैंपल, कल आएगी रिपोर्ट

रेलवे रोड स्थित राजकीय स्कूल में अध्यापकों के लिए कोरोना टेस्ट की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। गुरुवार को सरकारी स्कूलों के पिछले दो दिन में करीब 35 अध्यापकों के टेस्ट हुए है। 26 सितंबर को रिपोर्ट आएगी।
नई गाइडलाइन के तहत स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स को परामर्श के लिए बुलाया जा रहा हैं।

राजकीय स्कूल के प्रिंसिपल ओपी सांगवान ने बताया कि सरकार के आदेश के बाद 9वीं से 12वीं तक के बच्चो को बुलाया जा रहा हैं। अभी केवल उन्हीं अध्यापकों को बुलाया गया है, जिन्होंने हाल ही में कोविड टेस्ट करवाया है और उनकी रिपोर्ट निगेटिव है। वहीं स्कूल में ही स्टाफ की सुविधा की लिए टेस्ट करवाए जा रहे है।

वही हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री को एक पत्र लिखकर मांग की है कि स्कूलों के शिक्षकों व स्टाफ के कोविड-टेस्ट कराने के निर्देशों पर पुनर्विचार किया जाए। हसला का मानना है कि केवल शिक्षकों का टेस्ट से कोरोना संक्रमण को रोकना संभव नहीं है। हसला प्रधान सतपाल संधू का कहना है कि शिक्षा विभाग सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में शंका समाधान के लिए बच्चो को अपने अभिभावकों से अनुमति के आधार पर स्कूलों में बुला रही है।

इसके लिए विभाग ने सभी स्कूलों के शिक्षकों के कोविड-टेस्ट कराने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि केवल उन शिक्षकों को कोविड टेस्ट के लिए कहा जाए जिनको संबंधित आशंका है या फिर स्कूल में आने वाले सभी विद्यार्थियों तथा अभिभावकों का भी कोविड टेस्ट अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों, स्कूल प्रबंधन समिति तथा अभिभावकों के संबंधी टेस्ट नहीं होंगे तो सिर्फ शिक्षकों के कोविड-टेस्ट कराने का औचित्य नहीं रह जाएगा। स्कूलों को खोलने से पहले स्टाफ की जांच के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए थी। जिससे इस बीमारी से बचा जा सके।



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