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फैमिली आईडी के लिए सीएससी पर वसूले जा रहे हैं 80 से 100 रुपये, लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी

प्रदेश सरकार द्वारा कॉमन सर्विस सैंटर के जरिए आमजन तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने का है। जिससे आमजन को सरकार द्वारा प्रदान की जा रही योजनाओं का लाभ मिल सके। सरकार द्वारा परिवार पहचान पत्र बनाने और फैमिली आईडी को अपडेट करने का काम सीएससी पर नि:शुल्क करने का आदेश जारी किया था। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन से एक फैमिली आईडी नई बनाने और सुधार करने के नाम पर 80 से 100 रुपये वसूल किए जा रहे है। जबकि सीएससी इंचार्ज शिकायत आने का इंतजार कर रहे है। ऐसे में आमजन के साथ खुली लूट की जा रही है।

मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त राहुल नरवाल ने जिला मुख्यालय पर जिले के सभी 166 कॉमन सर्विस सैंटर संचालकों की मीटिंग ली थी। मीटिंग में एडीसी ने नागरिकों से अपनी की थी कि नागरिक अपना परिवार पहचान पत्र में कोई भी अपडेट करवाने और नया परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए नजदीकी सीएससी में जाकर नि:शुल्क बनवाए। उन्होंने जिले के परिवार पहचान पत्र अपडेट करवाने के लिए दिसंबर माह तक का समय निश्चित किया गया है।

प्रदेश सरकार ने सरकारी राशन लेने से लेकर पेंशन योजना में भी परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य कर दिया गया है। भोली भाली जनता पहले ही परेशान थी। प्रदेश सरकार द्वारा स्कूलों में बनाई गई फैमिली आईडी में त्रुटि करने से जहां स्कूलों के चक्कर लगाने पड़ते है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने नए फरमान जारी कर नए परिवार पहचान पत्र बनाने और सुधार करने का काम कॉमन सर्विस सैंटर को सौंप दिया है। वहीं पर सरकारी स्कूलों में छुट्टी होने पर बनवाई गई फैमिली आईडी स्कूलों में लॉक हो गई है।

बौंदकलां, बौंदखुर्द, सांजरवास, सांवड़, रानीला समेत अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीणों को परिवार पहचान पत्र बनवाया के लिए कॉमन सर्विस सेंटरों पर जाना पड़ता है। जहां पर ग्रामीणों से अपडेट करने और नया परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए 80 से लेकर 100 रुपये वसूले जा रहे है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य योजनाओं का लिए भी मनमानी फीस ली गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील और पटवारखानों में हर काम की फीस रेट लिखवाए गए है।



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