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आईटीआई चौक बूस्टर की मुख्य पाइप लाइन लीक, 10 कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति बाधित

आईटीआई चौक पर करोड़ों रुपए की लागत से पेयजल बूस्टिंग स्टेशन बनाया गया है, लेकिन इस बूस्टर में आए दिन खराबी का सामना इलाके के लोगों को करना पड़ता है। जिसके कारण इससे जुड़ी 10 कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है। शनिवार को दिन में मेन पाइप लाइन फ्रैक्चर हो गई। जिसकी मरम्मत के लिए पूरे दिन कार्य किया गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इलाके के लोगों को पेयजल के लिए इधर-उधर शाम को भटकना पड़ा।

रविवार सुबह मरम्मत में लगे कर्मियों ने कहा कि अभी पानी आ जाएगा, लेकिन दोपहर तक पानी की आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी। इस वजह से करीब 20 हजार परिवारों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। पानी स्टोर हो गया है, शाम को इलाकों में आपूर्ति की जाएगी।

शहरवासियों को शुद्ध और पर्याप्त पीने का पानी देने के लिए चार साल पहले जाजल में 100 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि खर्च रैनीवेल बनाया गया था। पानी के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए तत्कालीन विभागीय अधिकारियों ने पुरानी लाइनों को डैमेज बताकर पूरे शहर में करीब 24 किमी लंबी पेयजल नई पेयजल पाइप लाइन का जाल बिछाया। बावजूद इसके यह पेयजल पाइप लाइन आए दिन कहीं न कहीे से लीक रहती है। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

10 कॉलोनियों में सप्लाई बाधित

शनिवार से आईटीआई चौक इलाके की 10 कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति बाधित है। इसमें शादीपुर, नरेला रोड, पॉलीटैक्निक, आईटीआई, रूप नगर, नरेंद्र नगर, राजीव कॉलोनी, बंदेपुर के आसपास, पटेल नगर आदि कॉलोनियों में रहने वाले 20 हजार सदस्यों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नरेंद्र नगर निवासी अनूप दहिया ने बताया कि पानी की इतनी समस्या हो रही है कि मरम्मत कर रहे श्रमिकों को कार्य में मदद करके रिपेयर कराया है। दोपहर को पानी देने के लिए कहा था। अब शाम की बात की जा रही है।

प्रेसर नहीं झेल पा रही पाइप

रैनीवेल प्रोजेक्ट में प्रयोग की गई पाइपें पानी का प्रेसर नहीं झेल पा रही है। जिसके कारण जहां पर भी कर्व होता है, डायरेक्ट प्रेशर पड़ने पर पाइप फट जाती है। पाइप पानी के प्रेशर की तुलना में निम्न स्तर की है। जिसकी वजह से एक ही स्थान पर बार-बार दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। एक्सपर्ट की मानें तो ऐसे स्थानों पर नगर निगम के अधिकारियों को वाल्ब का प्रयोग करना चाहिए। ताकि लीकेज की समस्या से बच सकें।



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ITI Chowk booster main pipeline leaks, drinking water supply disrupted in 10 colonies


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