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दो सेक्टरों और चार वार्डों समेत 24 जगहों पर बनाए नए कंटेनमेंट जोन, नोडल अधिकारी नियुक्त

डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि कोरोना वायरस के फैलाव एवं रोकथाम के लिए 24 जगहों पर कंटेनमेंट जोन बनाने के आदेश दिए। जारी आदेशों में कहा है कि प्रतापनगर, कड़ामी, खेड़ी मारकंडा, पिपली बीएनसी कालोनी, खेड़ी रामनगर, भैंसी माजरा, बाहरी, सेक्टर-3, 4, वार्ड-5, 8, 22, विष्णु कॉलोनी, रामचंद्र कॉलोनी, बिरला मंदिर आदि में 24 स्थानों पर कोरोना सैंपलों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

प्रशासन ने रिपोर्ट पॉजिटिव आने के तुरंत बाद ही संबंधित क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन में शामिल करते हुए सेनिटाइज करने के आदेश दिए हैं। इन क्षेत्रों में प्रर्याप्त मात्रा में टीमों का गठन करके डोर टू डोर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग और थर्मल चेकिंग की जाएगी। सभी टीमें सिविल सर्जन के आदेशानुसार कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि इन कंटेनमेंट जोन जोन को संबंधित विभाग द्वारा गाइडलाइन के अनुसार पूरी तरह सेनिटाइज करवाया जाएगा।

पुलिस, हरियाणा रोडवेज कुरुक्षेत्र, जिला विपणन एवं प्रवर्तन अधिकारी, बिजली विभाग, कार्यकारी अभियंता पब्लिक हेल्थ व लोक निर्माण विभाग अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रबंध करवाना सुनिश्चित करेंगे। सम्बन्धित क्षेत्र के नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करेंगे और इस कन्ट्रोल रूम की नियमित रूप से रिपोर्ट तैयार करके जिला मुख्यालय को भेजेंगे।

डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे: डॉ. मिश्र

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत ने संविधान को अपनाया था। यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने भारतीय संविधान दिवस के अवसर व्यक्त किए। मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों ने भारतीय संविधान का सम्मान एवं उसका पूर्ण रूप से पालन करने की संकल्प लिया। डॉ. मिश्र ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार थे। उन्हें 29 अगस्त को संविधान की प्रारुप समिति का अध्यक्ष बनाया गया।



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लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...