राष्ट्रव्यापी हड़ताल में गुरुवार को हरियाणा के कर्मचारी भी शामिल होंगे। ज्यादातर रोडवेज यूनियन शामिल होने से रोडवेज बसें भी प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि विभाग के कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। अन्य विभागों के कर्मचारी भी अपना कामकाज ठप्प रखेंगे। हालांकि कर्मचारियों ने स्वास्थ्य, बिजली, फायर, एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा है।
इन सेवाओं में लगे कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होंगे। हड़ताल में विभागों के साथ बोर्ड, निगम और सरकारी के अन्य उपक्रम आदि के कर्मचारी भी शामिल होंगे। इस हड़ताल का आह्वान देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों की अनेक अखिल भारतीय फैडरेशनों ने संयुक्त रूप से किया है। हड़ताली कर्मचारी हड़ताल करके अपने कार्यालयों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद खंड व जिला स्तर पर एकत्रित हो कर जुलूस निकालकर एकजुटता का प्रदर्शन करेंगे। मजदूर संगठन सीटू की प्रधान सुरेखा व महासचिव जय भगवान ने कहा कि संगठित व असंगठित क्षेत्र के मजदूर हड़ताल में शामिल होंगे। इधर, हड़ताल में नगर निकायों के कर्मचारी शामिल होने से शहरों में कूड़ा भी नहीं उठेगा। बता दें कि सरकार ने पहले ही इस हड़ताल को गैर वाजिब बता चुकी है। कार्यालयों में दोनों वक्त हाजिरी भी लगेगी। प्रदेश में करीब 4 लाख कर्मचारी हैं।
इसलिए की जा रही हड़ताल
ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने दावा किया कि कोविड-19 के संक्रमण की शर्तों के साथ तैयारियों पूरी कर ली गई हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कोरोना को अवसर मानकर सार्वजनिक क्षेत्र को तेजी से निजी घरानों को सौंपने, किसानों व मजदूरों के तीखे विरोध के बावजूद कारपोरेट घरानों को मदद पहुंचाने के लिए तीन कृषि कानून बनाने व 44 श्रम कानूनों को समाप्त करने, डीए की कटौती करने से कर्मचारियों एवं मजदूरों में आक्रोश है।
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