Skip to main content

भिगान में निर्माणाधीन फैक्ट्री की दीवार गिरी, दो मजदूरों की मौत

भिगान गांव स्थित निर्माणाधीन फैक्ट्री की दीवार गिर गई। मलबे में दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों मजदूरों के शवों को सोनीपत के सिविल अस्पताल में रखा गया है। मुरथल एसएचओ राजीव कुमार ने कहा कि परिजनों के बयान पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भिगान गांव में जूपिटर लेमिनेटर कंपनी का प्लांट बन रहा है। कंपनी में दीवार के साथ- साथ डीजल टैंक के लिए 10 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया था।

मजदूर गड्ढे की सफाई कर रहे थे। तभी साथ लगती दीवार गिर गई। इसके नीचे दबकर बिहार के अररिया निवासी 30 वर्षीय आशिक व 19 वर्षीय मुनाजिर दब गए। साथी मजदूरों ने उन्हें निकाला, तबतक उनकी मौत हो चुकी थी। गुरुवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। एसएचओ राजीव कुमार ने कहा कि दोनों मृतकों के परिजनों को घटना से अवगत कराया गया है। पुलिस की टीम ने मौका निरीक्षण कर लिया है। मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। परिजन जो बयान देंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

कोविड सेंटर से फरार बंदी को तलाशने में लगाई 3 टीमें, यूपी व दिल्ली में दबिश

महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में बने कोविड केयर सेंटर से फरार बंदी नीटू की तलाश में तीन टीमें लगाई गईं हैं। दूसरे दिन टीमों ने यूपी और दिल्ली के कई स्थानों पर दबिश दी है। वहीं, महिला थाना ने ड्यूटी दे रहे आठ पुलिस कर्मचारियों पर ड्यूटी में लापरवाही का मामला दर्ज किया है।

चोरी और डकैती मामले में गिरफ्तार यूपी का रहने वाला नीटू सोनीपत जेल में बंद था। कोरोना संक्रमित मिलने पर 20 नवंबर को कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया था। यहां कई बंदी भर्ती है। उनकी निगरानी के लिए सोमवार रात को आठ पुलिसकर्मियों को लगाया गया था। सुबह शिफ्ट बदलने पर जब हाजिरी ली गई तो नीटू अपने विस्तर से गायब था। तलाश करने पर नहीं मिला।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2HCNxCn

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...