मेवात में 14 साल की उम्र में रेप से मां बनी पीड़िता के पुनर्वास के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला काउंसलर नियुक्त कर काउंसिलिंग के निर्देश दिए हैं। जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान ने एक आरोपी शकील की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि नाबालिग पीड़िता को अंतरिम मुआवजा दिए जाने पर मेवात और फरीदाबाद की डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसिस अथारिटी फैसला लें।
हाईकोर्ट ने छह माह बाद मई माह में कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता बहुत ही कम आयु में मां बन गई है। ऐसे में उसके और बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए समय समय पर काउंसिलिंग की जरूरत है, लिहाजा महिला काउंसलर नियुक्त की जाए। साथ ही आरोपी पक्ष की तरफ से मिल रही धमकियों पर हाईकोर्ट ने मेवात के एसपी को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं और इस बारे में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
यह है मामला
पीड़ित के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह अस्पताल में उपचाराधीन थे। इसी दौरान उनकी लड़की को बहलाफुसलाकर आरोपी शकील और शमशाद जंगल में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने इस सारी घटना को मोबाइल फोन में भी कैद किया और इसे वायरल भी किया। पीड़िता को इस दौरान डरा धमका कर उसका बार बार रेप किया गया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब लड़की की तबीयत खराब हुई और पता चला कि वह चार माह से गर्भवती है। पिता की शिकायत पर फिरोजपुर झिरका पुलिस थाने में एक जून 2020 को एफआईआर दर्ज कर ली गई।
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