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साढ़े तीन हजार फैक्ट्रियों में कामकाज प्रभावित, परिवहन न मिलने से बढ़ी परेशानी

किसान आंदोलन का असर अब शहर की विभिन्न व्यवस्थाओं पर दिखने लगा है फिर चाहे वह परिवहन व्यवस्था हो या फिर सब्जी मंडी। सोनीपत से चलने वाली रोडवेज बसें अभी सिर्फ पानीपत रूट पर ही अभी चल रही है। रोहतक, दिल्ली व उत्तर प्रदेश सहित अन्य ग्रामीण रूट पर बसों के पहिए थम गए हैं सोनीपत की करीब 110 से ज्यादा बसें इस समय बस स्टैंड परिसर में ही खड़ी है। जिला प्रशासन ने भी काफी बसों को विभिन्न व्यवस्थाओं के अंतर्गत अपनी सेवा में लिया है।

दिल्ली रोड पर बसे नहीं जाने का खामियाजा खासकर दिल्ली क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है वहीं आजादपुर मंडी क्षेत्र से हर रोज 10 से ज्यादा ट्रक आलू टमाटर वह अन्य फलों के पहुंचते हैं, लेकिन 3 दिन से मंडी में नई सब्जी व फल नहीं पहुंचे रहे। आलू जिसकी कीमत 3 दिन पहले तक ₹40 किलो थी वहीं आज मंडी में यह 50 से ₹60 किलो तक बिका इसी तरह टमाटर और मटर के दाम में भी काफी उछाल देखने को मिला टमाटर जहां इसके बजाय ₹50 बिका वहीं मटर की कीमत 70 से लेकर 80 तक पहुंच गई।

भिगान टोल पर किसानों से नहीं वसूला जा रहा है टोल

घरौंडा व पानीपत के टोल पर तोड़फोड़ होने के डर से भिगान टोल प्लाजा से निकल रहे किसानों से टोल नहीं वसूला जा रहा। वहीं कुंडली बॉर्डर पर जाम लगा होने पर रूट डायवर्ट होने पर टोल प्लाजा से व्हीकल्स कम आ रहे हैं। तीन दिन पहले तक रोजानों लाखों रुपए तक रेवेन्यू आ जाता था। अब आसपास के कम ही संख्या में वाहन निकलने से हजारों रुपए ही रेवेन्यू आ रहा हैं।



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Work in three and a half thousand factories affected, trouble due to lack of transport


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पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...