Skip to main content

आधार और मोबाइल नंबर से लिंक होगा उपभोक्ताओं का बिजली मीटर अकाउंट

बिजली मीटर का अकाउंट नंबर आधार व मोबाइल नंबर लिंक करवाना होगा। जो उपभोक्ता ऐसा नहीं करवाएंगे। उन्हें बिजली बिल पर मिलने वाली सब्सिडी को लेकर परेशानी हो सकती है। बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने बिल से संबंधित कई अहम जानकारी मिलेंगी। बिजली निगम ने नई व्यवस्था के तहत हर कार्यालय में अपनी तैयारियां भी पूरी कर ली है। निगम के लिए आधार नंबर होने से कंज्यूमर ट्रेसिंग आसान होगी और डिफाल्टिंग अमाउंट रिकवरी आसान होगी।

बिजली निगम ने इसके लिए हर एसडीओ कार्यालय में अलग से व्यवस्था की है और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ताकि उपभोक्ताओं को कोई समस्या न आए। उपभोक्ता को अपने आधार की जानकारी संबंधित कार्यालय में देनी होगी। इसके बाद आधार नंबर से मीटर अकाउंट को लिंक कर दिया जाएगा। इसकी जानकारी उपभोक्ता को मिल जाएगी।

उपभोक्ता को यह होगा लाभ

बिजली बिल अकाउंट नंबर मोबाइल से लिंक करवाने के बाद उपभोक्ता को मीटर से रीडिंग लेते ही मोबाइल पर मैसेज मिलेगा। उसे पुरानी व नई यूनिट दोनों की जानकारी मिलेगी। बिजली के बिल की जानकारी भी मोबाइल पर मैसेज से मिलेगी। अब बिल न मिलने की भी दिक्कत नहीं होगी। यदि उपभोक्ता बिल जमा करना भूल गया है तो उसे लास्ट डेट से पहले भी मोबाइल पर मैसेज मिलेगा कि आपने बिल जमा नहीं किया। यह जानकारी मिलने से उपभोक्ता जुर्माना लगने से बच सकेगा। लेट बिल जमा करने पर जुर्माना लगता है। ऐसे में मोबाइल पर आने वाला मैसेज हर उपभोक्ता को अपडेट रखेगा।

साढ़े तीन लाख उपभोक्ता, फिलहाल 17500 के ही अकाउंट आधार नंबर से लिंक

जिले में साढ़े तीन लाख बिजली उपभोक्ता हैं, लेकिन इनमें से 20 प्रतिशत यानी करीब 17500 उपभोक्ताओं के ही अकाउंट नंबर आधार से लिंक हैं। उपभोक्ताओं को दो महीने में 1000 यूनिट पर सब्सिडी दी जाती है। अब इसके लिए आधार का लिंक होना अनिवार्य कर दिया गया है।

बिजली निगम कर सकेगा कंज्यूमर ट्रेसिंग

नई व्यवस्था से बिजली के बिल के लेट मिलने की समस्या दूर होगी। मीटर की रीडिंग कब ली गई, कितनी निकाली। इसकी जानकारी मोबाइल मैसेज से मिलेगी। इसके साथ उनको ट्रेस करना आसान होगा, जो गांव में मकान का बिल नहीं भरे और छोड़ शहर में रहते हैं या बिल न जमा होने पर कनेक्शन कटता है तो दूसरे नाम से कनेक्शन ले लेते हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3pYFnp8

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...