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आईएएस रानी नागर को हरियाणा में ही मिलेगी नियुक्ति, मई में पद से दे दिया था इस्तीफा

6 माह पूर्व इस्तीफा देन वाली 2014 बैच की महिला आईएएस रानी नागर को जल्द हरियाणा में ही पोस्टिंग मिल सकती है। उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। इसके बाद उन्हें पोस्टिंग के लिए प्रतीक्षा में रखा गया है। नागर ने 4 मई को अपना त्यागपत्र तत्कालीन मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा को भेजा था, जिसमें उन्होंने इसकी वजह सरकारी ड्यूटी के दौरान निजी सुरक्षा पर खतरे का उल्लेख किया था।

उन्होंने अपने त्यागपत्र की प्रति सोशल मीडिया पर भी अपलोड की थी। राज्य सरकार ने उन्हें उनके गृह राज्य उत्तर प्रदेश में इंटर कैडर ट्रांसफर करने की अनुशंसा की। मुख्य सचिव कार्यालय की वेबसाइट पर उन्हें 11 नवंबर 2020 नई पोस्टिंग के आदेशों की प्रतीक्षा में दर्शाया जा रहा है।

स्टाफ नर्स के 503 पदों की लिखित परीक्षा का परिणाम किया घोषित

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ नर्सों के 503 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित हुई लिखित स्क्रीनिंग परीक्षा का परिणाम शनिवार को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। यूएचएस की भर्ती एवं स्थापना शाखा के डिप्टी रजिस्ट्रार डाॅ. एमएम कौशिक ने शनिवार को बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से 90 अंकों के आधार पर ली गई। लिखित परीक्षा का परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट यूएचएसआर डॉट एसी डॉट इन पर डाल दिया गया है। कोरोना महामारी के इस दौर में इतनी अधिक संख्या में उम्मीदवारों की परीक्षा आयोजित करवाना चुनौतीपूर्ण कार्य था।



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रानी नागर (फाइल फोटो)


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लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...