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महेंद्रगढ़ में वकीलों का अनिश्चितकालीन धरना जारी

जिला मुख्यालय की मांग काे लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अधिवक्ताओं का रविवार भी धरना जारी रहा। अनिश्चितकालीन धरने के सातवें दिन भी अधिवक्ताओं ने अपनी मांग दोहराई साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी तरफ एसेसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने एसेसिएशन के 2 दिसंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन की सफलता के लिए शहर के अनेक ट्रेड एसोसिएशनों के पदाधिकारियों से सम्पर्क कर समर्थन मांगा।

ज्ञातव्य हो कि क्षेत्र में काफी अरसे से दबी जुबान से जिला मुख्यालय महेंद्रगढ़ में स्थापित नहीं होने पर आम जनता में रोष व्याप्त हो रहा था, लेकिन कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया। कारण उचित नेतृत्व का अभाव। जनता का रोष अंदर ही अंदर पनपता गया और क्षेत्र के सामाजिक संगठनों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। बुचौली निवासी राजवीर ने आमरण अनशन भी किया, लेकिन कुछ समय बाद ही सरकार व प्रशासन ने गुमराह करके धोखे से अनशन ख़त्म करवाने में कामयाब हो गई।

बार एसेसिएशन ने भी करीब एक माह तक धरना प्रदर्शन किया। इस दाैरान आम लाेगाें व व्यापारियों के सहयाेग से एक दिन पूर्ण बंद भी किया गया। 32 दिन के बाद में चुनाव आने के कारण सीएम के आश्वासन के बाद एसेसिएशन के अपना धरना समाप्त कर दिया। अब एक बार फिर बार एसेसिएशन ने अपनी मांग काे लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।



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लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...