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शाहाबाद का मास्टर प्लान-2031, शहर में होंगे 8 रिहायशी, 4 कॉमर्शियल और 3 इंडस्ट्रियल सेक्टर

(सुखबीर सैनी)शाहाबाद उपमंडल को व्यवस्थित ढंग से बसाने को लेकर जिला नगर योजनाकार विभाग ने शहरी निकाय विभाग के सहयोग से मास्टर प्लान-2031 फाइनल कर लिया है। 2031 तक शहर की डेढ़ लाख आबादी मान 1490 हेक्टेयर को आरक्षित कर शहर का मास्टर प्लान तैयार किया है।

इसके तहत 45.16 प्रतिशत भूमि रिहायशी एरिया के लिए, 14.61 प्रतिशत खुले स्थान व ग्रीन बेल्ट के लिए, 12 प्रतिशत भूमि परिवहन-संचार के लिए, 11.4 प्रतिशत भूमि कामर्शियल गतिविधियों के लिए, आठ प्रतिशत इंडस्ट्री के लिए, 2.42 प्रतिशत सार्वजनिक उपयोग और 1.61 प्रतिशत विशेष अंचल के लिए आरक्षित की गई है। इसमें आठ नए रिहायसी सेक्टर्स, चार कॉमर्शियल गतिविधियों और दो सेक्टर परिवहन संचार के लिए आरक्षित किए गए हैं। सबकुछ तय योजना के तहत हुआ तो भविष्य का शाहाबाद रिहायशी, कामर्शियल और उद्योग व परिवहन-संचार हर तरह से बेहतर शहर के तौर पर पहचान बनाएगा।

504 हेक्टेयर में बनेंगे आठ रिहायशी सेक्टर
वर्तमान में शाहाबाद में एक रिहायशी सेक्टर के साथ 105 हेक्टेयर में 373 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के घनत्व के हिसाब से बसा है, लेकिन मास्टर प्लान 2031 में तहत बढ़ती आबादी यानी शहर की डेढ़ लाख की आबादी मानकर 504 हेक्टेयर भूमि रिहायशी सेक्टर के लिए आरक्षित की गई है। इस भूमि में कुल आठ सेक्टर रिहायशी बसाए जाएंगे। इनमें सेक्टर-एक, सेक्टर-तीन, सेक्टर-पांच, सेक्टर-छह, सेक्टर-नौ, सेक्टर-दस, सेक्टर-13 और सेक्टर-14 के तौर पर बसाए जाएंगे।

इन सेक्टर्स को अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग पॉलिसी व दीनदयाल जन आवास योजना के तहत विकसित किया जाएगा। 20 प्रतिशत ग्रुप हाउसिंग कम्पोनेंट पॉलिसी इन रिहायशी सेक्टर में भी लागू होगी। रिहायशी कॉलोनियों या सेक्टर्स में सड़कों की चौड़ाई कम से कम 12 मीटर होगी।

124 हेक्टेयर, चार सेक्टर्स में होंगी वाणिज्य गतिविधियां :कॉमर्शियल गतिविधियों जिसमें मार्केट, दुकानें, बूथ आदि स्थापित होंगे। इसके लिए 124 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए सेक्टर- तीन, सेक्टर- नौ, सेक्टर- 12 और सेक्टर-14 बसाये जाएंगे।

96 हेक्टेयर, तीन सेक्टर्स में होगी इंडस्ट्री स्थापित
शाहाबाद एरिया में मुख्य उद्योग राइस मिल हैं, लिहाजा इस इंडस्ट्री के लिए अधिक जगह की जरूरत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए व अन्य इंडस्ट्री के लिए 96 हेक्टेयर भूमि रिहायशी एरिया से अलग आरक्षित रखी गई है। इसमें सेक्टर-सात, सेक्टर-आठ, सेक्टर-11 यानी तीन सेक्टर्स इंडस्ट्री के लिए आरक्षित होंगे। शहर की जन उपयोगिता जिसमें मल निस्तारण कार्य, ठोस कचरा और शहर की अतिरिक्त आवश्यकताओं के पूर्ति के लिए बिजली आदि के लिए प्लांट के लिए 27 हेक्टेयर भूमि आरक्षित है। इसके अलावा शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, संस्थागत, चिकित्सा व अस्पताल जैसी सुविधाओं के लिए 41 हेक्टेयर भूमि आरक्षित कर सेक्टर-दो व सेक्टर-दस बसाया जाएगा। सेक्टर-दस में कॉलेज, अस्पताल, कामकाज महिला हॉस्टल और वृद्घाश्रम प्रस्तावित किया गया है।

143 हेक्टेयर में परिवहन, संचार के लिए अरक्षित
परिवहन-संचार किसी भी एरिया की खुशहाली व आर्थिक गतिविधियों की रीड होता है। लिहाजा बेहतर परिवहन संचार के लिए 143 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की है। इसके तहत शाहाबाद से निकल रहे राष्ट्रीय राजमार्ग-44, लाडवा अनुसूचित सड़क संख्या-69, अनुसूचित सड़क संख्या-57 काला अम्ब, साढौरा- शाहाबाद- ठोल सड़क शहर से गुजरती हैं। शहर से गुजरने वाली अनुसूचित सड़कों के दोनों और 30 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी । इसके अलावा पेरिफेरियल सड़क को 45 मीटर चौड़ाई के साथ 30 मीटर ग्रीन बेल्ट के साथ विकसित किया जाएगा।

सिनेमा व अन्य मनोरंजन के लिए सेक्टर-दो में इन्फ्रास्ट्रक्चर होगा तैयार
शाहाबाद से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के दोनों और 30 मीटर की ग्रीन बेल्ट बनाने के लिए 163 हेक्टेयर आरक्षित रखा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के नजदीक सेक्टर-दो मनोरंजन व कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए 18 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है।

हर पहलू को ध्यान में रखकर तैयार किया प्लान : डीटीपी सतीश पूनिया
जिला नगर योजनाकार अधिकारी सतीश पूनिया ने बताया शाहाबाद को हर लिहाजा से अच्छे से विकसित करने और हर पहलू को ध्यान में रखकर शहरी निकाय विभाग के साथ मिलकर मास्टर प्लान-2031 तैयार किया है। इस मास्टर प्लान के तैयार होने से शाहाबाद एक व्यवस्थित शहर के तौर पर अपनी पहचान बना पाएगा। इसी मास्टर प्लान को ध्यान में रखकर शाहाबाद एरिया में भविष्य में निर्माण संबंधी परमिशन जारी होंगी।



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