कोरोना के चलते नागरिक अस्पताल के फ्लू वार्ड में हर रोज 100 से 150 के करीम मरीज जांच के लिए आ रहे हैं। इसे देखते हुए अब स्वास्थ्य विभाग ने फ्लू वार्ड में आने वाले लोगों का कोरोना टेस्ट करने को लेकर नियमों में कुछ बदलाव किया है।
अब तक फ्लू वार्ड में आने पर यदि किसी को बुखार, खांसी, जुकाम की शिकायत मिलती तो उसका कोरोना टेस्ट किया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब मरीज को कोरोना टेस्ट से पहले सामान्य लक्षण होने पर पहले कुछ दिनों के लिए दवा दी जाएगी। उसके बाद भी उसकी तबीयत में सुधार नहीं होता है तो फिर कोरोना टेस्ट को लेकर उसके सैंपल लिए जाएंगे। जाे मरीज काेराेना मरीज के संपर्क में आया है या किसी दूसरे राज्य से आया है ऐसे मरीज का काेराेना टेस्ट हाेगा। वहीं जिन मरीजों में लक्षण दिखाई देंगे उनका कोरोना का टेस्ट होगा।
संपर्क में आने वाले मरीजों का होगा टेस्ट : कोरोना वार्ड इंचार्ज डॉ. गौरव चावला ने कहा कि फ्लू वार्ड में आने वाले मरीज में कोरोना के लक्षण है तो ही कोरोना टेस्ट किया जाएगा । कई बार लक्षण नहीं होते है । इसलिए पहले मरीज को 5 दिन की दवाई दी जाएगी । जांच में गंभीर लक्षण दिखे तो ही कोरोना टेस्ट होगा । अगर किसी मरीज में लक्षण नहीं वह किसी दूसरे राज्यों से आया हो या किसी कोरोना मरीज के संपर्क में आया हो तभी उसका टेस्ट किया जाएगा ।
अब 5 दिन की दी जाएगी दवाई , न ठीक होने पर किया जाएगा टेस्ट
नागरिक अस्पताल के फ्लू वार्ड में कोरोना टेस्ट करवाने आने वाले सामान्य मरीजों से पहले उनसे उनकी तबीयत के बारे में पूछा जाएगा । यदि लक्षण सामान्य दिखते हैं तो पहले पांच दिन की दवाई दी जाएगी। पांच दिन घर से बाहर न निकलने के लिए कहा जाएगा । अगर पांच दिन बाद वह ठीक महसूस करता हैं तो उसे कोरोना टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं । अगर बुखार ठीक नहीं होता है तो उसका कोरोना टेस्ट किया जाएगा ।
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