Skip to main content

प्रशिक्षु टीचर्स को ऑनलाइन ट्रेनिंग देगा विभाग, पहले स्कूलों में होती थी इंटर्नशिप

कोविड-19 से बचाव के लिए सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। फिलहाल, बच्चों को अध्यापक ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहे हैं। अब विभाग प्रशिक्षु टीचर्स को भी ऑनलाइन ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रहा है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की देखरेख में डीएलडी की इंटर्नशिप ऑनलाइन कराई जाएगी। इससे पहले इन शिक्षकों को स्कूलों में भेजा जाता था। डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन ट्रेनिंग को लेकर विभाग ने डीएलडी शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपल को निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान, डाइट द्वारा पूरी प्रक्रिया संचालित की जाने की योजना बनाई जा रही है। यह प्रक्रिया पांच जुलाई तक चलाई जाएगी।

विश्लेषण रिपोर्ट करनी होगी तैयार:प्रशिक्षु को कक्षा एक से पांच तक प्रत्येक कक्षा की एक किताब पर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करनी होगी। स्थिति सामान्य होने पर यदि स्कूल खोले जाते है तो विद्यार्थियों को पांच दिन स्कूलों में जाकर इंटर्नशिप करनी होगी। वहीं सत्र 2018-20 के विद्यार्थियों को सात सप्ताह की इंटर्नशिप कराई जाएगी। ये दो अगस्त को होगी। यदि विभाग जुलाई में डीएलडी की परीक्षा लेता है तो आगे की इंटर्नशिप परीक्षा के बाद होगी। विद्यार्थियों को अपने नजदीक पांच बच्चों की केस स्टडी भी तैयार करनी होंगी।

अप्रैल में इंटर्नशिप की गई थी रद्द
वर्ष 2019-21 पहला वर्ष, 2018-20 द्वितिय वर्ष की इंटर्नशिप शेड्यूल अनुसार अप्रैल में कराई जानी थी। परंतु महामारी के चलते सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए थे। जिसके कारण इंटर्नशिप नहीं हो सकी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2C2bKi7

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...