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पड़ोसन के साथ सैर पर निकली थी वृद्धा, बाइक पर आए दो युवकों ने रोककर पहचान पूछी और चाकू से गोद कर मार डाला

अर्बन एस्टेट टू में 64 वर्षीय सतबीरी देवी की रविवार रात हत्या कर दी गई। वारदात एक घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वारदात में एक मिनट का समय भी नहीं लगा, जिससे रैकी का अंदेशा है। सतबीरी देवी करीब 9 बजे पड़ोसन कृष्णा के साथ ईवनिंग वॉक पर निकली थीं। इस दौरान बाइक पर 2 युवक आए। चेहरे को कपड़े से ढका हुआ था। उन्होंने बाइक आगे अड़ाकर रोक लिया। पूछा कि नवीन की नानी हो। यह सुनते ही सतबीरी देवी खतरे को भांपकर वापस दौड़ने लगीं।

मृतक सतबीरी देवी।

बताया जाता है कि बाइक से नीचे उतरकर युवक भी पीछे दौड़ा और पिस्तौल निकाल गोली मारनी चाही। इस दौरान वह नीचे गिर गई। उसे बचाने के लिए दूसरी महिला ने घर के बाहर पड़ा डंडा उठाया तो पिस्तौल दिखाकर उसे डराया। वह शोर मचाकर मदद मांगने लगी। घरों की बालकनी में लोग निकले लेकिन मदद के लिए कोई नहीं आया। पुन: फायरिंग में असफल साथी को देखकर दूसरे हमलावर ने बाइक से उतरकर चाकू निकाला सतबीरी के पेट व गले पर ताबड़तोड़ वार किए। वह सड़क पर गिर गई तो दोनों हमलावर बाइक पर फरार हो गए।

इसके बाद तीन-चार युवक वृद्धा को लेकर जिंदल अस्पताल पहुंचे, जिसे मृत घोषित कर दिया गया। वहीं मृतका की बहू निर्मल कौर ने इस वारदात के लिए देवर राजेश को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि अर्बन एस्टेट में मकान नंबर 491 और सेक्टर 28 में 2500 गज की फैक्ट्री के विवाद में हत्या करवाई है। घटना की जांच के लिए डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार, डीएसपी भारती डबास भी पहुंचीं।

2 साल पहले देवर ने सतबीरी को पीटकर निकाला था, तब से बड़े बेटे के साथ रह रही थीं, प्रॉपर्टी का चल रहा केस : निर्मल
अर्बन एस्टेट टू में 1219 मकान नंबर में रहने वाले रमेश धनखड़ की पत्नी निर्मल कौर ने बताया कि ससुर इंद्रजीत सिंह धनखड़ का करीब 12-13 साल पहले निधन हो गया था। वे मूलत: टोकस गांव के थे। इसके बाद बड़ा बेटा रमेश धनखड़ और छोटा बेटा राजेश धनखड़ अर्बन एस्टेट में अलग-अलग मकान में रहने लगे। ससुर के निधन के बाद अर्बन एस्टेट का मकान नंबर 491, सेक्टर-28 की फैक्ट्री सहित अन्य जमीन सास सतबीरी देवी के नाम हुई थी।

उनके लाइसेंसी असलहों को उनके छोटे बेटे और मेरे देवर राजेश ने नाम करवा लिया था। पहले सास छोटे बेटे के साथ रहती थी। ऐसे में संपत्ति हथियाने के लिए राजेश ने उन्हें कई बार टॉर्चर किया। एक बार तो नाती नवीन ने उन्हें बचाया था और सातरोड स्थित अपने घर लेकर गया था। करीब 2 साल पहले सास को पीटकर घर से निकाल दिया था। तभी से वे हमारे साथ रह रहीं थी। प्रॉपर्टी को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। कोरोना के चलते सास को बाहर नहीं निकलने देते थे लेकिन पिछले पांच-सात दिन से पेट में दिक्कत बता रहीं थी। तब ईवनिंग वॉक पर जाती थीं।

रविवार रात करीब 9 बजे पड़ोसन कृष्णा के साथ सैर पर निकली थीं। घर से होते हुए एनवाईपीएस टी-प्वाॅइंट के करीब पहुंची थी कि बाइक सवार नकाबपोश युवकों ने उन्हें रोक लिया। निर्मल कौर ने बताया कि पड़ोसन कृष्णा मेरे पास आईं और सास के साथ हुई घटना की जानकारी दी। बोली कि उन्हें गोली मारकर चाकू से गोद दिया। जब तक मदद के लिए पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी। देवर राजेश के असलहा कैंसिल करवाने के लिए पुलिस को लिखित पत्र देकर मांग की थी।

हमारे घर के पास एक व्यक्ति रहता है, जिसके पास वह आता-जाता था। अंदेशा है कि उसके दोस्त से मुखबिरी लगी होगी कि कब सैर पर सतबीरी देवी जाती थीं और कब वापस आती थीं।

गोली लगी या नहीं, पोस्टमार्टम के बाद ही होगा खुलासा
वारदात के वक्त कोई बचाने के लिए आगे नहीं आया था। लोग मौके पर इकट्‌ठे हुए। किसी ने कहा कि गोली मारी फिर चाकू से हमला किया। गोली चली है या नहीं, पता नहीं। मौके से जिंदा कारतूस मिला है। ऐसे में हो सकता है कि फायर मिस हो गया हो। जल्दबाजी में दूसरी गोली डालने के चक्कर में कारतूस गिर गया हो। हो सकता है कि पीछे से गोली मारी हो। फिर दूसरी गोली लोड करते समय वह गिर गई हो। पेट व गले पर चाकू के निशान मिले हैं। ऐसे में पोस्टमार्टम में खुलासा होगा कि हमलावरों ने गोली मारी थी या नहीं।

सदानंद, एसएचओ अर्बन एस्टेट थाना ने कहा कि जमीन के विवाद में वृद्धा की हत्या की बात सामने आई है। पुलिस टीम को एक जिंदा कारतूस मिला है। अभी फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम में स्थिति स्पष्ट होगी।



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घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार व महिला डीएसपी भारती डबास।


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