Skip to main content

वाइस चेयरमैन व पार्षद की शिकायत के 10 महीने बाद सीएम फ्लाइंग ने नपा अधिकारियों को रिकाॅर्ड सहित किया तलब

सीएम घोषणा के बाद भी रेलवे पार्क और पंजाबी धर्मशाला सहित अन्य काम अधर में लटके हुए हैं। इसकी शिकायत नपा के वाइस चेयरमैन सुनील शर्मा और पार्षद श्याम ने दस महीने पहले सीएम के ओएसडी को दी थी। 7 जनवरी को सीएम फ्लाइंग की टीम ने नपा अधिकारी से सीएम घोषणा के रेलवे पार्क और पंजाबी धर्मशाला की रिकाॅर्ड तलब किया है।

नपा के वाइस चेयरमैन सुनील शर्मा ने बताया कि भापरा गांव के पास सीएम घोषणा मेें शामिल पंजाबी धर्मशाला निर्माण चल रहा है। इस पर करीब 89 लाख की लागत आनी है। लेकिन ठेेकेदार को पहले से ही आधे से ज्यादा 58 लाख 67 हजार की राशि जारी कर दी। जबकि काम 20 से 25 लाख की लागत से हुआ है। अभी बिल्डिंग का निर्माण व अन्य कार्य होने बाकी है। वहीं चुलकाना रोड पर 1 करोड़ 65 लाख की लागत से रेलवे पार्क का निर्माण होना है। ठेकेदार को 96 लाख 12 हजार की राशि पहले ही जारी कर दी।

रेलवे पार्क पर काम करीब 35 लाख के आसपास हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों में बड़ा गड़बड़झाला हो रहा है। उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि शहर में निर्माण कार्य अधर में लटते हुए हैं। जबकि ठेकेदार को एडवांस में राशि जारी कर दी गई है। वाइस चेयरमैन ने बताया कि सीएम घोषणा के अनुसार शहर में गांव भापरा के पास पंजाबी धर्मशाला, रेलवे पार्क बनाया जाना है। इसकी डेड लाइन 31 जुलाई 2019 तय की गई थी। पालिका के मुताबिक करीब 1 करोड़ 59 लाख की लागत से रेलवे पार्क निर्माण का कार्य 5 जून 2018, 90 लाख की लागत से 15 जून 2018 को पंजाबी धर्मशाला का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। लेकिन आज तक सीएम घोषणा में शामिल सभी कार्य अधर में लटके हुए है।

शर्मा ने बताया कि सीएम ने मई 2015 में दोनों कार्यों की घोषणाएं की थी। अधिकारियों ने कागजी कार्रवाई में कई साल लगा दिए। ठेकेदार ने शुरू से रुक-रुककर काम करता रहा। अब पेमेंट होने के बावजूद विगत एक साल से काम बंद है। कार्यों की लागत बढ़ती जा रही है। जानकारों की मानें तो मिलीभगत कर इनकी रिवाइज एस्टीमेट भेजने की तैयारी चल रही है। सीएम घोषणा के कार्यों के पांच साल बाद भी पूरे नहीं होने से लोग हैरान हैं। नपा के विकास कार्यों की अधिकारी से लेकर लोकायुक्त तक शिकायत गई हुई है। पूर्व सचिव सहित एमई, जेई, बीआई आदि के मिलीभगत की जांच चल रही है, लेकिन किसी का कुछ नहीं बिगड़ा है।

नगरपालिका में अधिकारियों की कमी, लोग परेशान

समालखा नगर पालिका में एमई, जेई, बीआई की पोस्ट खाली पड़ी हुई है। जबकि सचिव ने करीब पांच दिन पहले ही कार्यभार संभाला है। अधिकारियों की कमी के चलते विकास कार्यों के टेंडर भी नहीं लग पा रहे हैं। जिसका खामियाजा समालखा की जनता को भुगतना पड़ रहा है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
समालखा. बिहोली रोड पर पंजाबी धर्मशाला का बंद पड़ा काम। फोटो - भास्कर


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2LE4LAY

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...