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गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन निकाला, श्रद्धालुओं ने गतका, लाठी और तलवार चलाने के दिखाए करतब

काछवा में श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन निकाला गया। नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिंह सभा काछवा से शुरू होकर गांव के बाजारों से होते हुए वापस गुरुद्वारा सिंह सभा पर विश्राम लिया गया। नगर कीर्तन में छोटे बच्चों व बड़ों ने करतब दिखाए, जिसमें गतका व लाठी चलाना, तलवार चलाना प्रमुख रहे।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य मास्टर जबर जंग बहादुर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में अखंड पाठ रखा हुआ है। गुरुद्वारा के ग्रंथी लाडविंदर सिंह ने बताया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह का जन्म नौंवे सिख गुरु तेग बहादुर और माता गुजरी के घर में हुआ था। जब वह पैदा हुए थे उस समय उनके पिता असम में धर्म उपदेश को गए थे।

उनका बचपन का नाम गोबिंद राय था। पटना में जिस घर में उनका जन्म हुआ था और जिसमें उन्होंने अपने प्रथम चार साल बिताए थे, वहीं पर अब तख्त श्री पटना साहिब स्थित है। उनकी वाणी में मधुरता, सादगी एवं वैराग्य की भावना कूट कूटकर भरी थी। नगर कीर्तन में प्रबंधक कमेटी के सदस्य जसविंदर सिंह, सुखविंद्र सिंह, बलदेव सिंह, निर्मल सिंह शामिल रहे।



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City Kirtans were taken out on the light festival of Guru Gobind Singh, the devotees demonstrated tricks of Gatka, sticks and sword


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