Skip to main content

पार्षद दुष्यंत भट्‌ट से 35 लाख की ठगी, 2012 में जमीन के लिए बयाना दिया था

भाजपा के पार्षद दुष्यंत भट्‌ट से 35 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। भट्‌ट ने 2012 में यमुनानगर में जमीन के लिए बयाना दिया था। बाद में पता चला कि आरोपियों ने पहले ही किसी और को जमीन बेच रखी थी। मामला कोर्ट में चल रहा था। इसलिए भट्‌ट ने अब एसपी यमुनानगर को शिकायत दी तो महिला सहित तीन के खिलाफ केस सेक्टर-17 हुडा थाना यमुनानगर में केस दर्ज किया गया है।

दुष्यंत भट्‌ट ने एसपी को शिकायत दी थी कि 2012 में अम्बाला के साहा निवासी अशोक कुमार ने उसे बताया था कि गांव पाबनी निवासी रचना देवी व जगदीप सिंह अपनी जमीन बेचना चाहते हैं। उनकी गांव में जमीन है। तब उन्होंने उसे गांव में जमीन और उसके कागजात दिखाए। उन्होंने कहा था कि यह जमीन उनके नाम है और इस पर कोई लोन भी नहीं है। दस्तावेज और जमीन देखने के बाद उसने 74 कनाल जमीन का सौदा 2 करोड़, 77 लाख, 50 हजार में किया था। तब 35 लाख रुपए बयाने के तौर पर दे दिए थे।

तय तारीख पर नहीं कराई रजिस्ट्री

आरोप है कि तय तारीख पर रजिस्ट्री नहीं कराई। वहीं, बाद में उसे पता चला कि जो जमीन उसे बेची गई वह जमीन गांव गढ़ी मुंडो निवासी राजकुमार को पहले बेची गई है। उसका कोर्ट में डिग्री का केस चल रहा है। कोर्ट ने उस जमीन के संबंध में साल 2014 में डिग्री के संबंध में आदेश दे दिए थे। इसके बाद उसे पता चला कि उसे जमीन की जो जमाबंदी दिखाई गई, वह फर्जी थी। इसके आधार पर उसके साथ जमीन बेचने का सौदा किया गया और इस जमीन का पहले ही राजकुमार व अन्य के साथ सौदा किया हुआ था।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फाइल फोटो।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2XqGUHt

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...