बरोदा उपचुनाव से पहले सीएम अनाउंसमेंट बरोदा रोड को चौड़ा करने का कार्य जिस तेजी से कार्य शुरू कराया था, वह चुनाव के बाद जारी नहीं रहा। डेडलाइन समाप्त होने पर एजेंसी ने फिर से कार्य बंद कर दिया है। शहरी क्षेत्र में लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी बंद पड़ा हुआ हैं। रोड का निर्माण ग्रामीणों के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के लिए परेशानी बन गया है। समस्या का समाधान कराने के लिए ग्रामीण बार-बार अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी भी कुछ नहीं कर पा रहें।
सीएम अनाउंसमेंट को पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने अगस्त 2018 में एजेंसी को कार्य अलॉट किया था। एजेंसी को कार्य 15 माह में पूरा करने का लक्ष्य दिया था। निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा नहीं हुआ। मुख्यालय एक बार नहीं बल्कि तीन बार कार्य पूरा करने की डेड लाइन निर्धारित कर चुका है, लेकिन एजेंसी द्वारा कार्य पूरा नहीं किया गया। अभी तक करीब 50 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो पाया है। आबादी क्षेत्र में निकासी के लिए नाला और शहरी क्षेत्र में सड़क का निर्माण कार्य अधूरा है।
शहरी क्षेत्र में सड़क के गड्ढे भी नहीं भरे, वाहन चालक हो रहे परेशान
शहरी क्षेत्र में सड़क को चोड़ा करने के लिए बिजली की लाइन को शिफ्ट करना है। यह कार्य एजेंसी को ही करना था। एजेंसी ने पिछले साल शिफ्टिंग का कार्य भी शुरू किया था, लेकिन अब यह कार्य भी बंद पड़ा हुआ है। लाइन शिफ्टिंग के बाद ही सड़क की चौडाई बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि बरोदा चौक से मोर चौक तक सड़क पर जगह-जगह गड्ढ़े बने हुए हैं। क्योंकि एजेंसी को कार्य दिया हुआ है।
ग्रामीण बोले- एजेंसी काम नहीं कर रही, फिर भी विभाग उसे बदल नहीं रहा
बरोदा रोड पर बरोदा हलके के गांव पड़ते हैं। इसलिए 2019 हुए विधानसभा चुनाव से पहले वजीरपुरा मोड से बरोदा गांव तक सड़क का निर्माण किया था। 2020 में बरोदा उपचुनाव आने पर एजेंसी से लेयर बिछाने का कार्य तेजी से किया। एजेंसी को एक लेयर बिछानी हैं, यह लेयर भी नहीं बिछाई गई। ग्रामीण विजय कुमार, रामेश्वर, सुखबीर मोर आदि का कहना है कि एजेंसी कार्य नहीं कर रही, फिर भी अधिकारी उसे नहीं बदल रहें।
डेडलाइन खत्म होने पर एजेंसी ने कार्य बंद कर दिया है
बरोदा रोड का निर्माण कार्य की डेडलाइन नवंबर तक थी। एजेंसी ने शहरी क्षेत्र में बिजली की लाइन शिफ्टिंग करने का कार्य भी बंद कर दिया है। कार्य को लेकर आला अधिकारियों के साथ भी पत्र व्यवहार किया है। डेडलाइन बढ़ाने या एजेंसी बदलने का निर्णय मुख्यालय द्वारा लिया जाता है। -वीरेंद्र वर्मा, जेई, पीडब्ल्यूडी, गोहाना।
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