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4 स्तर पर चेकिंग के बाद एंट्री मिली, कहीं शूज उतार दिया प्रवेश

प्रदेश के 17 जिलों में ग्राम सचिव के 697 पदों के लिए 9 व 10 जनवरी को दो-दो शिफ्ट में परीक्षा हुई। इसके लिए जिले में 61 परीक्षा केंद्रों बनाए थे, जहां एक शिफ्ट में 11545 विद्यार्थियों की सीटिंग थी। इसमें 10 जनवरी को मॉर्निंग शिफ्ट में 7461 तो इवनिंग शिफ्ट में 7668 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं दोनों शिफ्ट में कुल 7961 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कुछ परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए तो कुछ परीक्षा केंद्रों के बाहर से नकल करवाने वालों ने इस सुरक्षा के दावे को झूठा भी साबित किया। हालांकि बाद में इन लोगों को सुरक्षा टीम ने दबोच लिया।

सुबह के सत्र की परीक्षा साढ़े 10 से 12 बजे तक और सायंकालीन सत्र की परीक्षा 3 बजे से साढ़े 4 बजे तक हुई। सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर व सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस का प्रयोग रोकने के लिए परीक्षार्थियों की केंद्र में प्रवेश से पूर्व थर्मल स्केनिंग व मैटल डिटेक्टर से तलाशी ली गई।

परीक्षार्थियों की वीडियोग्राफी के अलावा आधार-आधारित बायोमैट्रिक प्रणाली तथा दस्तावेजों की जांच के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति प्रदान की गई। 24 ड्यूटी मजिस्ट्रेट व उड़नदस्ता टीमों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। 697 पदों के लिए 6 लाख 72 हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन किए। जिसके अनुसार एक पद के लिए करीबन 964 दावेदार हैं।

बिजली के चलते बीच में बंद हो गए थे जैमर्स
जिले के कुछ परीक्षा केंद्रों पर बिजली से संबंधित परेशानियां सामने आईंं। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से लगाए जैमर्स भी बीच में कुछ समय के लिए कार्य न करने की शिकायतें कंट्रोल रूम को मिल रही थी। हालांकि बाद में इसे ठीक कर लिया गया व केंद्रों पर सुरक्षा भी अधिक कर दी गई थी। एचएसएससी की ग्राम सचिव की परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर चार स्तर पर चेकिंग हुई। कुछ सेंटर्स पर शूज, जुराबें और चप्पल निकलवाकर चेकिंग की गई तो वहीं द आर्यन स्कूल में परीक्षा केंद्र के गेट से ही परीक्षार्थियों को चप्पल व शूज को सर्दी में 500 मीटर अंदर तक हाथ में उठाए जाना पड़ा।



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जाट कॉलेज में एग्जाम के दौरान जूते निकलवा कर चेकिंग हुई


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