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फार्म भरने के पांच साल बाद 61% ही दे पाए ग्राम सचिव की परीक्षा, दाेपहर की पाली में ज्यादा आए

फार्म भरने के बाद पांच साल बाद हुई ग्राम सचिव की परीक्षा के पहले दिन ठंड के माैसम ने परीक्षार्थियों की भी परीक्षा ली। इसी का परिणाम रहा कि पहले दिन 63 फीसदी स्टूडेंट्स ही परीक्षा देने के लिए पहुंचे। हालांकि दो दिन में 20 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा देनी है। इसमें एक दिन शिफ्ट में 5285 परीक्षार्थी पंजीकृत किए गए हैं। शनिवार को सुबह की शिफ्ट में सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा करवाई गई।

इसमें 5285 परीक्षार्थियों में से 3136 परीक्षार्थियों ने समय पर पहुंचकर परीक्षा दी। यानि सुबह की शिफ्ट में 60 फीसदी ही परीक्षा दे पाए। इसके बाद दोपहर की पाली में दोपहर तीन बजे से साढ़े 4 बजे तक परीक्षा करवाई गई। इसमें 5285 में से 3305 परीक्षार्थी ही परीक्षा दे पाए। जोकि मात्र 63 फीसदी ही है। कोरोना काल में करवाई गई परीक्षा को लेकर हालांकि प्रशासन की ओर से हर संभव कदम उठाए गए थे। हर कमरे में सेनिटाइजर रखवाया गया और मास्क की व्यवस्था की गई।

यहां तक कि खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले परीक्षार्थियों को भी अलग से बिठाया गया। हालांकि महिला परीक्षार्थी गहनों को लेकर परेशान ही रही। खासतौर से नोज पिन को मौके पर पहुंचकर महिला पुलिसकर्मियों से निकलवाती दिखाई दी। नोज पिन निकलवाते समय एक युवती के तो आंखों से आंसू ही नहीं थमे। वहीं परीक्षा केंद्रों के अंदर शॉल भी नहीं ले जा सकते थे, ऐसे में परीक्षा केंद्र के बाहर ही परिसर में महिलाओं ने शॉल टांग दिए।

परीक्षार्थियों के कम पहुंचने का कारण
जानकारों की मानें तो परीक्षार्थियों के ग्राम सचिव की परीक्षा में कम पहुंचने का एक कारण इस भर्ती के फार्म सबसे पहले सात साल पूर्व फरवरी 2013 में निकाले गए थे। इसके बाद चुनाव की घोषणा होने के चलते परीक्षा नहीं हो पाई थी। भाजपा सरकार आने वाले वर्ष 2015 में इन पदों की भर्ती दोबारा से विज्ञापित की गई। ऐसे में पांच साल बाद करवाई जा रही परीक्षा के चलते अधिकतर आवेदक अन्य नौकरी में लग चुके हैं या अब उनकी रूचि ग्राम सचिव की नहीं रही है।

आज भी दो शिफ्ट में होगी परीक्षा
अब रविवार को भी दो शिफ्ट में परीक्षा होगी। इस दौरान दो शिफ्ट में करीब साढ़े 10 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा के आयोजन को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। इस परीक्षा के लिए 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें दो दिन में लगभग 20 हजार से अधिक परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर वीडियोग्राफी व जैमर लगाए गए हैं। शनिवार काे जैमर परीक्षा केंद्रों में सुबह 8 बजे ही शुरू कर दिए गए थे, ताकि परीक्षा को लेकर पहले ही कड़े इंतजाम किए जा सके। प्रश्न पत्र जिला खजाना कार्यालय से लाते व जमा करवाते समय कड़ी सुरक्षा रखी गई। परीक्षा समाप्त होने के पश्चात उत्तर पत्रिकाओं के बक्सों में सील कर दोबारा जमा करवाया गया।

सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी इंतजाम किए
एसपी राहुल शर्मा की ओर से सुरक्षा व ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा करवाने के लिए 7 डीएसपी व उनकी सहायता के लिए जिला में कार्यरत समस्त एसएचओ तैनात किए गए हैं, जबकि हरेक केंद्र पर 11 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इनमें महिला पुलिस भी शामिल हैं। साथ ही पार्किंग व नाकों को संभालने के लिए अलग से पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं।



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वैश्य महिला महाविद्यालय में ग्राम सचिव की परीक्षा के दाैरान हाथ से कंगन निकालती हुई अभ्यार्थी।


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