Skip to main content

रेलवे कर्मी का दोस्त बनकर व दूसरे केस में ट्रांजेक्शन करते शातिरों ने उड़ाई नकदी

शातिर ने मकड़ौली रेलवे स्टेशन पर कार्यरत रेलवे कर्मी को कॉल करके दोस्त बन फोन पे पर रुपए जमा कराने का कहा। रेलवे कर्मी ने भेजे लिंक पर क्लिक करते ही रेलवे कर्मी के बैंक खाते से 99,997 रुपए की राशि कट गई। सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सोनीपत निवासी व रेलवे कर्मी संदीप मलिक ने बताया कि 3 जनवरी को वह अपने रेलवे क्वार्टर में मौजूद था। दोपहर करीब 12:40 बजे मेरे मोबाइल पर अनिल नाम के व्यक्ति ने कॉल करके कहा कि उसके फोन पे पर रुपए जमा कराने हैं। आरोपी की मेरेे दोस्त की आवाज भी अनिल जैसी थी। उसने कहा कि मेरे आरोपी के भेजे लिंक पर क्लिक करते ही खाते से रुपए कट गए।

ड्राइवर के खाते से 1.62 लाख रुपए उड़ाए

महम | गांव सैमाण निवासी एक व्यक्ति के खाते से 1 लाख 62 रुपए धोखाधड़ी कर शातिरों ने निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अमित ने बताया कि वह रोहतक एशियन पेंट कंपनी में ड्राइवर है। अमित के अनुसार 6 जनवरी को मैने अपने खाते से गूगल पे एप से अपने दोस्त संजय को 5 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। इसके बाद मात्र मेरे खाते से कई बार में 10-10 हजार रुपए कटने के मैसेज अाए।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
As a friend of railway worker and in other cases, the vicious people transacted cash


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nrPKPT

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...