Skip to main content

विद्यार्थी पहले दिन से ही योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत में जुट जाएं : तोमर

कड़ी मेहनत, नियमित अध्ययन और दृढ़ संकल्प ही सफलता की कुंजी हैं। इसलिए जरूरी है कि विद्यार्थी पहले दिन से ही योजनाबद्ध तरीके से पूरी ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करने जुट जाएं। यह विचार सूरत के कमिश्नर व इमसार एलुमनी अजय सिंह तोमर ने शनिवार काे एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च (इमसार) की ओर से आयोजित ऑनलाइन इंडक्शन प्रोग्राम में नव प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों से संवाद करते हुए व्यक्त किए।

इमसार निदेशक प्रो. राजकुमार ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ विश्वविद्यालय एवं इमसार की ओर से आयोजित की जाने वाली विभिन्न शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। आईआईएम, लखनऊ के प्रो. सुरेश कुमार जाखड़ व ब्रिगेडियर विजय मेहता ने बतौर विशिष्ट अतिथि इस कार्यक्रम में शिरकत की।

प्रोफेशनल थिंकर व मोटीवेटर डाॅ. शंकर गोयनका ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और पूरी दृढ़ता से उन सपनों को पूरा करने के लिए जुट जाने के लिए प्रेरित किया। प्राध्यापक डाॅ. संजय नांदल ने कॅरियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल की गतिविधियों बारे जानकारी दी। निदेशक युवा कल्याण डाॅ. जगबीर राठी, प्राध्यापक डाॅ. कुलदीप चौधरी व सूचना वैज्ञानिक डाॅ. सुंदर तंवर ने भी संबोधित किया। डाॅ. एकता, डाॅ. नीतू व डाॅ. जगदीप सिंगला ने कार्यक्रम का संचालन किया। आभार प्रदर्शन डाॅ. नरेश कुमार ने किया।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
विद्यार्थियों से संवाद करते सूरत के कमिश्नर व इमसार एलुमनी अजय सिंह तोमर।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3hWA1at

Popular posts from this blog

पड़ोसी राज्यों से पहले वीआईपी ट्रीटमेंट फिर शुरू; विधायकों की गाड़ियों पर लगेगी झंडी

लाल बत्ती हटने के बाद वीआईपी कल्चर से बाहर हुए विधायकों की गाड़ी की अब दूर से पहचान हो सकेगी। जल्द मंत्रियों की तरह अब इन गाड़ियों पर भी झंडी लगेगी। अभी गाड़ी में कौन बैठा है, इसकी जानकारी विधायक की ओर से न दिए जाने तक न तो किसी कर्मचारी-अधिकारी को होती है और न ही आम आदमी को। इसलिए अब एमएलए लिखी झंडी गाड़ी पर लगेगी तो माननीयों को कुछ वीआईपी ट्रीटमेंट शुरुआत में ही मिलने लग जाएगा। इन झंडियों का डिजाइन तैयार हो चुका है। इसे स्पीकर ने मंजूरी दी है। बताया जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले विधायकों की गाड़ियों पर ये झंडियां लग जाएंगी। विधायकों को हालांकि अभी विधानसभा से एमएलए लिखा स्टीकर जारी किया है, जो गाड़ियों के शीशे पर लगा है। पुलिस कर्मचारी हो या अन्य कोई, इस पर जल्दी नजर नहीं जाती। इसलिए कई उन्हें पार्किंग से लेकर रास्ते तक में रोक लिया जाता है। इससे कई बार विधायकों व पुलिस की बहस होने की खबरें भी आती रहती हैं। विधायकों ने पहचान के लिए झंडी की मांग थी। इसके अलावा गाड़ी की मांग भी की जाती रही है, जिसके लिए सरकार इनकार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों आगे...